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May 10, 2024, 2:46 pm
KHABAR : भार्गव समाज ने आरती-पूजन कर मनाया परशुराम जन्मोत्सव, भगवान श्री विष्णु के छठे अवतार माने जाते हैं परशुराम, पढे़ खबर

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बैतूल। भार्गव सभा बैतूल द्वारा भगवान परशुराम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ सदस्य निधीष भार्गव के निवास पर जन्मोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें भगवान परशुराम का विधि-विधान से पूजन कर आरती की गई।

 

समाज के अध्यक्ष दीपक भार्गव ने बताया कि अक्षय तृतीया के दिन वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया पर भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम ने जन्म लिया था। जन्म के समय इनका नाम राम रखा गया था। कुछ समय बाद जब राम को महादेव ने परशु नामक शस्त्र दिया, तो राम जी को परशुराम कहा जाने लगा। इसका अर्थ यह है कि परशुराम जी के जन्म पर परशुराम जयंती मनाई जाती है।

 

समाज के सचिव सुधीर भार्गव ने बताया कि भगवान परशुराम भार्गव वंश में जन्मे भगवान विष्णु के छठे अवतार माने जाते हैं। उनका जन्म त्रेतायुग में हुआ था। पौराणिक मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था, इसलिए उनकी शक्तियां अक्षत मानी जाती है। महादेव ने राम को परशु जिसे फरसा या कुल्हाड़ी भी कहते हैं, भेंट की थी। परशु मिलने के बाद उनका नाम परशुराम पड़ गया, अर्थात परशु रखने वाला राम। तभी से उन्हें परशुराम कहा जाने लगा। माना जाता है कि पृथ्वी पर साधु-संतो और ऋषि-मुनियों की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने परशुराम के रूप में जन्म लिया था।

 

इसके पश्चात प्रसादी वितरण कर उपस्थित सदस्यों को स्वल्पाहार कराया गया। आयोजन में मुख्य रूप से शैलेन्द्र, दीपक, गोपाल, बाबू, मनोज, राजेश, मयूर, शुभम, श्रीमति लता, दीप्ति, कविता, मीरा, अर्चना, श्वेता, स्वाति, रजनी, अंजू, शिखा एवं हर्षिता भार्गव उपस्थित रहे। सभी ने आयोजन के लिए निधीष-अर्चना भार्गव का आभार माना।

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