भोपाल। राजधानी में गुरुवार को मां बगलामुखी (पीतांबरा) का प्रकटोत्सव उत्साह और भक्तिभाव से मनाया गया। शहर के कोटरा सुल्तानाबाद में स्थित एक मात्र बगलामुखी मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। मां का पीले वस्त्र, पीले फूल और पीले चंदन से श्रृंगार किया गया। मंदिर में महंत रवींद्रदास महाराज समेत साधु-संतों और भक्तों ने मां बगलामुखी का षोडशोपचार पूजन, पाठ, हवन और पूर्णाहुति के बाद आरती की। इसके पूर्व मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण व परिसर में पौधारोपण किया गया।
मां बगलामुखी, आर्यावर्त षड्दर्शन साधु मंडल एवं आचार्य परिषद के सामने श्रद्धालुओं ने पर्यावरण को नुकसान पहुंचने वाली वस्तुओं (प्लास्टिक सहित अन्य) का उपयोग न करने और पौधारोपण करने का संकल्प लिया। बगलामुखी मंदिर में हवन-पूजन और ध्वजारोहण के साथ विश्व कल्याण की कामना की प्रार्थना की गई। मां बगलामुखी दस महाविद्या में आठवीं स्वरूप वाली माता हैं। मान्यता है कि उनकी उपासना से राजसत्ता सुख की प्राप्ति, मुकदमों में जीत व शत्रु भय बाधा दूर होती हैं।