जावरा। जहां एक ओर शासन प्रशासन लगातार हरे वृक्ष लगाने के लिए वृक्षारोपण को लेकर समूचे क्षेत्र में वृक्षारोपण अभियान चला रही है। कई समाज सेवी संस्थाएं भी ग्रामीण क्षेत्र से लेकर शहरी क्षेत्रों तक लगातार प्रकृति का संतुलन बनाए रहने के लिए वृक्षारोपण कर ऑक्सीजन की मात्रा का संतुलन बनाए रखने का प्रयास कर रही है तो ऐसे में सरकार के करोड़ों रुपए खर्च कर वृक्षारोपण करने के मंसूबों को पलीता लगाते भारतीय जनता पार्टी के जिम्मेदार जावरा के समीपस्थ गांव लालाखेड़ा सरपंच द्वारा 40 से ज्यादा हरे वृक्षों की कटाई बिना किसी अनुमति के निर्वाचन समय का लाभ लेकर कर डाली। इन 40 हरे वृक्षों में कई वृक्ष शासकीय भूमि पर भी लगे हुए थे जिसमें नीम जैसे छायादार वृक्ष भी थे। परंतु निर्ममता से सरपंच द्वारा इन 40 पेड़ों काट डाला।
हरे पेड़ों की कटाई का काम जावरा उपखंड के अंतर्गत लालाखेड़ा गांव के सरपंच बद्रीलाल पाटीदार ने किया हैं। सरपंच ने खुद मीडिया को बताया कि मैंने पेड़ काटने का आवेदन दिया था लेकिन अनुमति नहीं मिली थी।
पंचायत पटवारी रियाज उद्दीन कुरैशी ने बताया कि सरपंच के आवेदन को मैंने विधिवत तहसीलदार कार्यालय में अग्रेषित किया था। जो हरे पेड़ काटे गए हैं करीब 40 पेड़ सरपंच के खेत और शासकीय भूमि में लगे हुए थे।
तहसीलदार ने जानकारी देते हुवे बताया कि पटवारी रिपोर्ट के अनुसार करीब 40 पेड़ काटे गए हैं। इन्हें काटने के लिए सक्षम अधिकारी की अनुमति प्राप्त नहीं की गई। शासन के नियम अनुसार सरपंच के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। निश्चित रूप से सरपंच ने अपने पद का दुरुपयोग किया हैं।