शाजापुर। नवीन शिक्षा सत्र के प्रारंभ में ही शिक्षा विभाग, परिवहन विभाग और यातायात पुलिस द्वारा स्कूली वाहन चालकों को बैठक लेकर नियमों का पालन करने की समझाइश दी गई थी। इसके बाद मक्सी में बुधवार को आयोजित बैठक में एक बार फिर वाहन चालकों को चेतावनी दी गई है कि यदि अब वे नियमों का उल्लंघन करते पाए गए तो सीधे सख्त कार्रवाई होगी।
दरअसल, गत दिनों ली गई बैठक में अधिकारियों ने निजी स्कूलों में चल रही बसों के चालकों, बस ऑपरेटरों और संचालकों को समझाइश दी गई थी कि वे नियमों का पालन करें, बस में आपात खिड़की की व्यवस्था हो, बस में महिला परिचालक या शिक्षिका की नियुक्ति अनिवार्य रूप से की जाए। बावजूद इसके देखने में आ रहा था कि बसों में न तो महिला शिक्षिका को बैठाया जा रहा था और न ही नियमों का पालन किया जा रहा था। जिसकी शिकायत भी अधिकारियों तक पहुंच रही थी।
इसे लेकर बुधवार को जिला शिक्षा अधिकारी विवेक दुबे, आरटीओ राकेश भूरिया, यातायात प्रभारी सौरभ शुक्ला के द्वारा मक्सी के एक निजी स्कूल में सभी प्राइवेट स्कूलों के बस चालकों, मालिकों व ऑपरेटरों की चेतावनी बैठक बुलाई गई। जिसमें नियमों का पालन करने के लिए सख्त हिदायत दी गई कि यदि वे अब नियमों का पालन न करते हुए पाए गए तो सीधे कार्रवाई की जाएगी ओर किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।
चालानी कार्रवाई के साथ होगा वाहन राजसात
जिला शिक्षा अधिकारी विवके दुबे ने बताया कि बैठक में सभी को बताया गया कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें और नियमों का पालन करें। क्योंकि अब किसी को बख्शा नहीं जाएगा। अब यदि कोई स्कूली वाहन चाहे वो किसी भी स्कूल का हो उसके खिलाफ चलानी कार्रवाई तो की ही जाएगी साथ ही संबंधित का वाहन राजसात भी किया जाएगा।
नहीं हो रहा था नियमों का पालन
गत दिनों भी अधिकारियों ने बैठक लेकर सभी को समझाइश दी थी। साथ ही शासन द्वारा चलाई जा रही योजना के बारे में बताकर सभी को प्रोत्साहित भी किया था। बावजूद इसके बस चालकों द्वारा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था। वहीं कुछ दिन पहले ही एक स्कूली वाहन चालक की लापरवाही के चलते पलट गया था जिसमें सात से आठ बच्चे भी घायल हो गए थे। घटना को लेकर वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। तो स्कूल संचालक को भी नोटिस जारी किया गया था।