भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सीएम राइज स्कूलों की समीक्षा करते हुए प्रदेश में हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी कक्षाओं में कृषि, हॉर्टिकल्चर, मत्स्य पालन, डेयरी, पशुपालन विषयों की पढ़ाई शामिल करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकतर बच्चे खेती-बाड़ी की पृष्ठभूमि वाले परिवारों से आते हैं। इन विषयों की अकादमिक पढ़ाई उनके परिवारों के लिए भी उपयोगी होगी और बच्चों और परिवार दोनों का स्कूलों से जुड़ाव बढ़ेगा। सीएम राइज स्कूलों में इन विषयों की पढ़ाई प्राथमिकता से शुरू की जानी चाहिए।
सीएम ने जोर देकर कहा कि सीएम राइज स्कूलों में संकाय व्यवस्था के स्थान पर विद्यार्थियों को अपनी रूचि व प्राथमिकता के आधार पर विषय चुनने की व्यवस्था भी की जाए। यह व्यवस्था उच्च शिक्षा में लागू हो चुकी है, स्कूल स्तर पर यह व्यवस्था अमल में लाने के लिए शिक्षाविदों, शिक्षकों, स्वयंसेवी संस्थाओं और विषय-विशेषज्ञों की टास्क फोर्स गठित की जाए।
सीएम राइज स्कूलों में सिर्फ ई-व्हीकल को होगा इस्तेमाल
सीएम राइज स्कूलों में पेट्रोल और डीजल वाहनों का इस्तेमाल नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने सीएम राइज स्कूलों की परिवहन व्यवस्था में ई-व्हीकल्स का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी इलाकों में बने सीएम राइज स्कूलों के विद्यार्थियों के आवागमन के लिए नगरीय निकाय की नगर वाहन सेवा के तहत चल रहे ई-वाहनों का उपयोग किया जाए।
विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और सुविधाजनक विद्यालय आवागमन के लिए वाहनों की फिटनेस को प्राथमिकता देना भी जरूरी है। जहां भवन निर्माण होने है वहां सभी के साथ समन्वय के आधार पर स्थान चयन किया जाए। यदि कहीं स्थान चयन में वक्त लगता तो उसका निराकरण राज्य स्तर से कराया जाए। यह भी ध्यान रखा जाए कि जहां स्कूलों के आसपास अतिक्रमण न हो।
हर विकासखंड में बनेगा एक आईटीआई
मुख्यमंत्री ने जनजातीय क्षेत्रों तथा ग्रामीण अंचल में प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले सीएम राइज स्कूल शुरू करने को कहा है। इसके साथ ही स्कूल कैंपस में ही शिक्षकों और स्टाफ के लिए आवास की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए हैं। सीएम ने कहा कि शिक्षा को रोजगार से जोड़ने के लिए हर विकासखंड में एक आईटीआई स्थापित करना चाहिए। जहां अभी आईटीआई नहीं हैं, उन विकासखंडों की लिस्ट तैयार करें और वहां निजी क्षेत्र की मदद से पहल करते हुए आईटीआई स्थापित करने की रणनीति बनाई जाए।
2 माह में तैयार होंगे 21 सीएम राइज
प्रदेश में पहले चरण में 274 सीएम राइज स्कूल बनाने का लक्ष्य है। इनमें से 21 स्कूलों के भवन निर्माण का काम दो माह में पूरा हो जाएगा। बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा निर्माणाधीन और प्रस्तावित स्कूलों के प्रगति की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी। इस दौरान इन स्कूलों में निरूशुल्क परिवहन सेवा, आवश्यक सामग्री की आपूर्ति, अधोसंरचना विकास को लेकर अलग प्रजेंटेशन दिखाए गए। बैठक में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव वीरा राणा समेत कई अधिकारी मौजूद थे।