इटारसी। विगत दिनों पिपरिया के पटवारी प्रवीण मेहरा की कोर्ट पेशी के दौरान हार्ट अटैक से मौत का मामला गरमा रहा है। जिले के सभी पटवारी पिपरिया एसडीएम संतोष तिवारी को तत्काल हटाने के बाद जांच कराने की मांग पर अडे़ हुए हैं। आज से जिले भर के सभी पटवारी तीन दिन के सामूहिक उपवास पर चले गए।
अंजू नारोलिया कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष पटवारी संघ ने बताया कि एक मामले में पटवारी प्रवीण मेहरा फौती नामांकन का प्रतिवेदन दिया गया। दो व्यक्ति एक ही नाम के पिता नाम भी एक और जाति एक होने के कारण और ग्रामीणों ने जो जानकारी दी गई, उसके आधार पर पटवारी ने प्रतिवेदन दिया। बाद में एसडीएम ने भी उसी आदेश पर बहनों के नाम जोड़ दिए।
दो व्यक्ति एक नाम के वल्दियत एक नाम, जाति एक होने के कारण और ग्रामीणों में जो जानकारी दी गई उसके आधार पर पटवारी ने प्रतिवेदन दिया। एसडीएम ने भी उसी आदेश पर बहनों के नाम जोड़ दिए।
बाद में पिपरिया एसडीएम ने यह कहते हुए कि पटवारी ने गलत आईडेंटिफाई करके फौती चढ़ा दी, पटवारी प्रवीण के खिलाफ एफआईआर कराई। मामले में उसे जेल भेजा गया। जमानत पर आने के बाद से पटवारी प्रवीण सदमे और तनाव में थे।
मंगलवार को पटवारी प्रवीण कोर्ट पेशी पर आए थे। वे मानसिक रूप से प्रताड़ित थे, जिसके कारण मंगलवार को पिपरिया न्यायालय में पेशी से लौटने के वक्त हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। संगठन ने कलेक्टर मीना से मांग की कि फौती नामांतरण में लापरवाही के मामले में पटवारी पर गलत आरोप लगे थे।
नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीणा ने कहा कि अनु विभागीय पिपरिया के संबंध में मामले को लेकर वरिष्ठ अधिकारी एडीएम या ज्वाइंट कलेक्टर से मामले की जांच कराई जाएगी। उसके बाद जो भी मामले में सामने आता है उसके अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
वहीं इस मामले में पिपरिया एसडीएम कुछ भी कहने से बचते हुए नजर आ रहे हैं। वहीं पटवारी प्रवीण मेहरा के माता-पिता इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं, क्योंकि पटवारी की मृत्यु के बाद उनके परिवार में संविदा नौकरी में कोई दिक्कत ना आए इसको लेकर वह कुछ भी कहने से बच रहे।