रतलाम। प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव की सरकार ने सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों व कर्मचारियों की लेटलतीफी को लेकर सख्ती बरती है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सरकारी कार्यालयों में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक का समय निर्धारित कर दिया है। कार्यालयों में ठीक इसके विपरित अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमर्जी का आलम है।
समय पर कार्यालयों में न तो अधिकारी पहुंच रहे और नहीं कर्मचारी। यहां तक सुबह 10 बजे तक ताले भी नहीं खुल रहे है। शाम 6 बजे अपने दफ्तरों में अधिकारियों व कर्मचारियों के रुकने का समय है। उसके पहले ही कार्यालयों से गायब हो रहे है।
वार गुरुवार। समय शाम 5.30 बजे। स्थान नगर पालिका निगम कार्यालय का उपयंत्री कक्ष। मात्र एक सब इंजीनियर मनीष तिवारी व एक महिला कर्मचारी कक्ष में मौजूद है। कक्ष में रखी पांच टेबल के सामने कुर्सियां रखी है। जो कि खाली पड़ी है। खाली कुर्सियां इंजीनियरों की है। टेबलों पर फाइले रखी हुई है। मौजूद सब इंजीनियर मनीष तिवारी से जब कुसिर्यां खाली होने व अन्य साथियों का बारे में पूछा तो कहा कि साइट पर गए है। कौन कहा गया है वहीं जानकारी दे पाएंगे। भास्कर की टीम को देख अन्य विभागों के भी जो कर्मचारी इधर-उधर घूम रहे थे वह भी अपनी कुर्सियां पर जाकर बैठ गए।
वार शुक्रवार। समय सुबह 10 बजे। स्थान जिला शिक्षा केंद्र कार्यालय। 10 बजे तक एक भी अधिकारी व कर्मचारी यहां नहीं पहुंचा। 10.05 बजे एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी गोपाल पहुंचा। जब उससे पूछा कि कहा लेट हो गए तो कहा कि चाबी लाने में लेट हो गया। उसने ताला खोला। 10.45 तक यहां पर एक क्लर्क मोहनलाल व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी गोपाल शर्मा व अशोक परिहार ही पहुंचे। जबकि यहां पर प्रभारी जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) के अलावा 20 का स्टाफ है। जिसमें से एक जिला पंचायत व एक पिपलौदा में अटैच है। 2 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी छुट्टी पर होना बताया। विभाग में स्थाई डीपीसी नहीं है।
सबसे बड़ी बात यह है कि इस विभाग के जिम्मे जिले के कक्षा पहली से 8वीं तक के सरकारी स्कूलों की जिम्मेदारी है। अब खुद समझ सकते है कि विभाग के कर्मचारी अपने कार्यों के लिए कितने जिम्मेदार है।
डिप्टी कलेक्टर संजय शर्मा के पास डीपीसी का प्रभार है। इनका कहना था कि शुक्रवार सुबह 10 बजे कलेक्टोरेट में विभाग से जुड़ी वर्कशॉप थी। स्टाफ उसी में था। मैं भी समय-समय पर जाकर चौक करता हूं।
इन विभागों के भी जाने हाल
जिला शिक्षा केंद्र परिसर में में समग्र शिक्षा अभियान (सेकंडरी एजुकेशन) एवं रतलाम शहर विकासखंड शिक्षा अधिकारी ( बीईओ) व बीआरसी का भी कार्यालय है। यहां पर भी सुबह 10.10 बजे तक ताले लगे रहे।
बीईओ कार्यालय के बाहर शिक्षा विभाग के हेड क्लर्क मनोज राउत खड़े थे। जब उनसे पूछा गया तो कहा की पियून मौजूद नहीं हो पाए। इस कारण ताला नहीं खुल पाया है। सभी के सुबह 10 बजे का नियम है। हम तो नियम का पालन कर रहे है।
सुबह 10.13 मिनट बजे एक चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी ने आकर कार्यालय का ताला खोला। जब महिला कर्मचारी से देरी होने के बारे में पूछा तो कहा कि पेट्रोल भराने चले गए थे। इस विभाग में 9 का स्टाफ है। जिसमें से 2 शिक्षा विभाग में अटैच है।
सुबह 10.45 बीईओ एमएल डामर पहुंचे। जब उनसे देरी से आने का कारण पूछा तो कहा कि प्राइवेट स्कूलों का निरीक्षण करने गए थे। प्रतिदिन समय पर पहुंचते है।
खनिज विभाग
शुक्रवार सुबह 10.19 बजे। कार्यालय खुल चुका था। कर्मचारी सफाई कर रहे थे। एक कम्प्यूटर ऑपरेटर कार्यालय के बरामदे में बैठा था। लेकिन खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल व एक अन्य अधिकारी के कक्ष के दरवाजे लगे हुए थे। कम्प्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र श्रीवास का कहना था कि मैडम टाइम से आते है। मायनिंग ऑफिसर सुबह फिल्ड में निकल जाते है। तीन का ही स्टाफ है।