भोपाल। मध्य प्रदेश के मंत्रियों को जल्द ही जिलों का प्रभार दिया जाएगा। इसे लेकर प्रदेश सरकार ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। भाजपा संगठन से राय ली जा रही हैं। तबादलों का स्टे हटाने से पहले प्रभारी मंत्री बनाए जाएंगे। प्रभारी मंत्रियों की अनुशंसा पर ही ट्रांसफर होंगे।
मोहन कैबिनेट के मंत्रियों को अमरवाड़ा उपचुनाव के रिजल्ट के बाद जिलों का प्रभार दिया जाएगा। इसे लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। वहीं बीजेपी संगठन की भी राय ली जा रही है। जिससे पार्टी और सरकार दोनों के बीच तालमेल बन सकें और जनहित के कार्य किए जा सकें।
वहीं तबादलों से रोक हटते ही ट्रांसफर पोस्टिंग के आवेदन आने शुरू हो जाएंगे। इनमें प्रभारी मंत्री की अनुशंसा महत्वपूर्ण होती है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जल्द ही मंत्रियों को जिलों का प्रभार सौंपेंगे। बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के जिन जिलों में भारतीय जनता पार्टी का कमजोर जनाधार रहा है, उन जिलों का प्रभार वरिष्ठ मंत्रियों को दिया जाएगा। वहीं अमरवाड़ा उपचुनाव की प्रभारी बनाई गई पीएचई मंत्री संपतिया उइके को छिंदवाड़ा जिले का प्रभार सौंपा जा सकता है। पिछले दिनों सीएम मोहन ने अमरवाड़ा में जनसभा के दौरान इस बात के संकेत दिए थे।
आपको बता दें कि एमपी में नई ट्रांसफर पॉलिसी तैयार हो गई है। इसके तहत 15 दिन के लिए सभी विभागों में स्वैच्छिक आधार पर तबादला करने की अनुमति मिलेगी। इसमें प्रशासनिक आधार पर तबादला पर निर्णय लिया जाएगा। खास बात यह है कि सभी संवर्ग में 20 फीसदी से अधिक तबादले नहीं होंगे। नीति को लेकर मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव सभी मंत्रियों से विचार मंथन करेंगे।