भोपाल। सेंटपॉल को-एड स्कूल आनंद नगर भोपाल में शुक्रवार(12 जुलाई) को जूनियर छात्र परिषद का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। बचपन से नेतृत्व गुणों का विकास कर अनुशासन प्रियता, समर्पण एवं सह योगात्मक दृष्टिकोण के साथ नैतिक मूल्यों की भावना को प्रोत्साहित करते हुए आयोजन उल्लासपूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने सुमधुर गीत, संगीत एवं आकर्षक नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी।
इस दौरान जूनियर छात्र परिषद अध्यक्ष गायत्री गुर्जर, उपाध्यक्ष डेनियल पी साइमन, कप्तान अंश जोशी ,उप कप्तान एरीशा जॉर्ज ,सचिव सोनाक्षी चौहान, संयुक्त सचिव कामरान के साथ -साथ चारों सदनों के निर्वाचित कप्तान एवं उपकप्तान ने कर्तव्य निष्ठा की शपथ ली। प्राचार्य फादर जयसन ने मुख्य अतिथि भोपाल ननि की अपर आयुक्त टीना यादव व सामान्य प्रशासन विभाग की अपर सचिव शिराली जैन का स्वागत पौधा और स्मृति चिह्न भेंट कर किया।
अपने संबोधन में टीना यादव ने कहा कि परस्पर सहयोग एवं टीम भावना से ही हम गिरी शिखर को छू सकते हैं। देशभक्ति का तात्पर्य यह भी हैं कि हम अपने आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखें, बड़ों का सम्मान करे, कार्य के प्रति लगन तथा संवेदनशीलता रखें। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अनुशासित रहकर राष्ट्र की उन्नति में योगदान दें। भोपाल शहर को स्वच्छ बनाने में सहयोग करें, क्योंकि स्वच्छता से ही स्वास्थ्य है। प्राचार्य फादर जयसन ने सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए शहर को साफ और सुंदर बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। एक जिम्मेदार नागरिक बनते हुए निष्पक्षता पूर्वक अपने कर्तव्यों का पालन करें। कार्यक्रम के समापन पर छात्र परिषद अध्यक्ष गायत्री गुर्जर ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।
मुख्य अतिथि शिराली जैन ने विद्यार्थी परिषद को शपथ दिलाई, जिसमें स्कूल सीनियर छात्र परिषद अध्यक्ष श्रेया शुक्ला, उपाध्यक्ष पंकज तिवारी, कप्तान धनिष्ठा चौधरी, उपकप्तान अरुणा रमेश, सचिव गौरी जगदीश,संयुक्त सचिव गौरी प्रिया आचारी के साथ-साथ विभिन्न सदनों के कप्तान और उप-कप्तान शामिल थे। उन्होंने समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों तथा स्कूल के नियमों का पालन करने की प्रतिज्ञा ली। अपने संबोधन में जैन ने जिम्मेदारी के महत्व और दूसरों को प्रेरित करने में लीडर की भूमिका पर प्रकाश डाला और कहा कि निष्पक्षता तथा कर्तव्य पालन से हम श्रेष्ठ नेतृत्व कर सकते हैं। विद्यालय में छात्र परिषद के माध्यम से ही विद्यार्थी नेतृत्व क्षमता तथा सहयोग की भावना सीखते हैं। राष्ट्र को प्रगति के पथ पर ले जाने में विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।