नीमच। जिले के 120 हाई स्कूल व हायर सेकेंडरी विद्यालयों के शिक्षक लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देश पर समावेशी शिक्षा का प्रशिक्षण ले रहे हैं। जिले के सभी शालाओं के एक-एक सामान्य शिक्षकों को नोडल शिक्षक समावेशी के रूप में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे अपने-अपने विद्यालयों में दिव्यांगों के लिए कार्य करेंगे। इस हेतु प्रशिक्षण लेकर दिव्यांग बच्चों को अपनी-अपनी शाला में दर्ज बच्चों को पढा पाएंगे। प्रशिक्षण शासकीय उत्कृष्ट उमावि नीमच में प्रशिक्षण में 12 व 13 को दो दिवस तक दिया गया। उक्त प्रशिक्षण में जिला शिक्षा अधिकारी सीके शर्मा ने शिक्षकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जिले के समस्त शासकीय हाई स्कूल व हायर सेकेंडरी विद्यालय में हमारा लक्ष्य है कि समस्त आठवीं उत्तीर्ण दिव्यांग बच्चों को प्रवेश दिलाए, जिससे वह समाज व शिक्षा की मुख्य धारा में जुड़ सके।
अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक प्रलय कुमार उपाध्याय ने भी अपने उद्बोधन में कहा कि हमारे विद्यालय में समानता और समता का आदर्श स्थापित किया जाना वर्तमान समय की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, जिसे प्रत्येक समावेशी शिक्षक को अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए पूरा करना है। जिला समावेशी समन्वयक राजेश मलिक की उपस्थिति में प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें दिव्यांग प्रशिक्षण में शासन की योजनाओं बाधा रहित वातावरण दिव्यांगों के बारे में एक्ट एनईपी 2020 दिव्यांगों के लिए शासन के द्वारा जो योजनाएं संचालित है राज्य के प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर मदन यदुवंशी, अर्जुन अहीर व एमआरसी राजेंद्र कुमार अहीर एवं पार्वती मोदी द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।