शाजापुर। उज्जैन संभागायुक्त संजय गुप्ता ने आज शाजापुर में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर राजस्व महा अभियान 2.0 का क्रियान्वयन डायनॉमिक मोड में करने के निर्देश दिये। इस दौरान कलेक्टर ऋजु बाफना, अनुविभागीय अधिकारी शुजालपुर अर्चना कुमारी, सहायक कलेक्टर शिवम यादव, अपर कलेक्टर बीएस सोलंकी, जिला पंचायत सीईओ संतोष टैगोर, उपायुक्त रणजीत कुमार व गरीमा रावत, अनुविभागीय अधिकारी शाजापुर मनीषा वास्कले, डिप्टी कलेक्टर राजकुमार हलदर सहित राजस्व अधिकारी उपस्थित थे।
संभागायुक्त गुप्ता ने राजस्व महा अभियान 2.0 में किये जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिये कि अभियान को गतिशील बनाएं। नक्शा तरमीम का अमल पटवारियों से प्राथमिकता से कराएं। अविवादित कोई भी प्रकरण एक माह से अधिक लंबित नहीं रखें। तहसीलदार रीडर पर निर्भरता नहीं रखें, प्रकरणों को स्वयं देखें। सभी प्रकरणों का समयावधि में निराकरण कराएं। पूर्व में एवं वर्तमान में लिये गये सभी निर्णयों का अमल पटवारियों से 24 घण्टे के भीतर कराएं। 1925 की स्थिति में दर्ज देव स्थान की शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराएं और अभिलेख में शासकीय दर्ज करें। इस अवसर पर तहसीलदार न्यायालय कोर्ट के नामांतरण, बटवारा, अविवादित नामांतरण, अविवादित बटवारा, ईकेवायसी, राजस्व महा अभियान के अंतर्गत किये जा रहे कार्य, स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना ईकेवायसी, राजस्व वसूली एवं अन्य प्रकरणों के लक्ष्य के विरूद्ध निराकरण की समीक्षा की गई।
इस अवसर पर कलेक्टर बाफना ने राजस्व महा अभियान के अंतर्गत जिले में की जा रही कार्यवाहियों से अवगत कराया। साथ ही कलेक्टर ने कहा कि जिले के राजस्व अधिकारी समयसीमा में लक्ष्य को प्राप्त करेंगे।
राजस्व न्यायालयों का निरीक्षण
संभागायुक्त संजय गुप्ता ने आज शाजापुर जिले के राजस्व न्यायालय-मक्सी एवं शाजापुर का निरीक्षण कर राजस्व महा अभियान के अंतर्गत किये जा रहे कार्यों को देखा। निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिये कि निर्णयों का अमल 24 घण्टे में होना चाहिये। इसके लिए अपने-अपने क्षेत्रों के पटवारियों की बैठक लेकर उन्हें निर्देशित करें। कोई भी प्रकरण न्यायालय में 6 माह से अधिक लंबित नहीं रखें। सभी प्रकरणों का निराकरण समयावधि में करें। अमल की कार्यवाही को सर्वाेच्च प्राथमिकता में रखें। शाजापुर तहसील न्यायालय के निरीक्षण में तीन माह से अधिक के प्रकरण लंबित रखने पर संभागायुक्त ने रीडर को नोटिस देने के निर्देश दिये। संभागायुक्त ने राजस्व अधिकारियों से कहा कि समयसीमा में प्रकरण निराकृत नहीं होने की स्थिति में फाईन लगाया जा सकता है।