मंदसौर। वर्षाकाल में पानी में रासायनिक परिवर्तन होने से जलजनित बीमारियों के होने का अंदेशा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए पेयजल व स्वच्छता की जनजागरूकता के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल गुणवत्ता परीक्षण एवं क्लोरिनेशन हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत गरोठ विकासखंड के ग्राम जमुनिया में इस किट के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण करने का प्रशिक्षण विभाग कर्मचारियों द्वारा दिया जा रहा है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री प्रदीप कुमार गोगादे के निर्देशन में जिले के ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित पेयजल स्त्रोतों का क्लोरिनेशन करने एवं जल स्त्रोतो से प्राप्त पानी का फील्ड़ टेस्टिंग किट (एफटीके) के माध्यम से जल गुणवत्ता परिक्षण करने का प्रशिक्षण विभाग के मैदानी अमले द्वारा निरंतर दिया जा रहा है। इस वाटर टेस्टिंग किट से पानी के 10 प्रकार के टेस्ट पी एच, टर्बीडिटी, हार्डनेस, क्लोराइड, अल्केनीटी, फ्री क्लोरिन, आयरन, नाइट्रेट, फ्लोराइड व अमोनिया का टेस्ट आसान विधियों से कलर पहचानकर किया जाता है। टेस्ट किट में उपलब्ध केमिकल से 100 बार पानी के सेम्पल की जाँच की जाती है। यह किट क़ो विभाग द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायत व हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी विद्यालयों क़ो प्रतिवर्ष निःशुल्क उपलब्ध करवाई जाती है। जिससे की ग्रामवासी अपनी पंचायत, ग्राम की चौपाल, स्कूल, आंगनवाड़ी में ही बैठकर पेयजल स्त्रोतो से प्राप्त पानी की जाँच कर सके।