चित्तौड़गढ़। न्यायालय अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 02 चित्तौडगढ पीठासीन अधिकारी मुकेश चावला द्धारा अपने महत्वपुर्ण निर्णय दिनांकित 03-07-2024 द्वारा चेक अनादरण के मामले में अभियुक्ता- कैलाश कंवर, हिंगवानिया तहसील भोपालसागर जिला चित्तौडगढ को दोषसिद्ध किया गया है और अभियुक्ता को 10,50,000/-रूपये के अर्थदण्ड से और अवधि 01 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।
परिवादीया राजकंवर राणावत निवासी- आर.के. कोलोनी , चित्तौडगढ द्धारा अपने एडवोकेट- रत्नेश कुमार जैन (बोहरा), विशाल सिंह भाटी, मोनिका जैन के मार्फत चेक अनादरण का 01 परिवाद अभियुक्ता कैलाश कंवर के विरुद्ध न्यायालय में इन तथ्यो के साथ पेश किया था, कि अभियुक्त द्वारा अपने बच्चों की शादी मे हुए कर्ज को चुकाने के लिये, अन्य लोगो से ली गयी उधार राशि को चुकाने के लिये, अपने व्यवसाय व घरेलु खर्च में रूपयो की आवश्यकता होना बताकर परिवादी से 10,00,000/-रूपये अक्षरे दस लाख रूपये उधार लिये जिसके पूर्नभुगतान के लिये अभियुक्त ने अपने बैंकखाते का एक चौक नंबर 072760 दिनांकित 10-03-2021 राशि 10,00,000/-रूपये अक्षरे दस लाख रूपये का बैंक- पंजाब नेशनल बैंक शाखा सदर बाजार चित्तौडगढ चौक विश्वास दिलाकर दिया था कि नियत तारिख को बैंक में पेश करने पर उक्त चेक का भुगतान परिवादी को मिल जावेगा। परन्तु उक्त चौक अपर्याप्त राशि के कारण अनादरित हो गया। नोटिस दिलाने के बाद भी आरोपी ने रकम अदा नहीं की। जिस पर परिवादी ने एडवोकेट के मार्फत न्यायालय में परिवाद पेश कर कानुनी कार्यवाही की।
कि प्रकरण की सुनवाई पुर्ण होने पर न्यायालय ने अभियुक्ता कैलाश कंवर को इस मामले में दोषसिद्ध घोषित किया और कैलाश कंवर को 10,50,000/-रूपये अक्षरे दस लाख पचास रुपये अर्थदण्ड और 01 वर्ष के साधारण कारावास से दण्डित किया है तथा अदम अदायगी अर्थदण्ड अभियुक्त 03 माह का साधारण कारावास अलग से भुगतेगा। परिवादी की ओर से पैरवी- एडवोकेट रत्नेश कुमार जैन (बोहरा) एडवोकेट, विशाल सिंह भाटी, मोनिका जैन ने की।