चित्तौड़गढ़। केंद्र एवं राज्य सरकार की एफपीओ गठन एवं संवर्धन स्कीम के तहत जिले में गठित किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रोसेस यूनिट लगाने हेतु जिले की सभी पंचायत समितियां में क्लस्टर आधारित मुख्य उत्पादन के आधार पर किसान उत्पादक संगठन के सीईओ और सी बी बी ओ मिलकर के प्रस्ताव तैयार करेंगे।
उक्त विचार सोमवार को कट्स मानव विकास केंद्र सेंथी पर आयोजित किसान उत्पादक संगठनों की समीक्षा बैठक में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक महेंद्र डूडी ने व्यक्त किए।
बैठक में कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार जागा ने बताया कि किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से किसानों को उचित भाव में खाद बीज कीटनाशक दवाइयां देने के लिए लाइसेंस जारी किए हुए हैं जिससे किसानों को इनपुट्स समय मिल रहा है। किसानो की आमदनी को बढ़ाने के लिए उनके उत्पाद का वैल्यू एडिशन करने हेतु प्रोसेस यूनिट लगाने की कार्य योजना पर जानकारी दी। इस अवसर पर उद्यान विभाग निदेशक डॉक्टर शंकर लाल जाट ने जिले में उद्यान विभाग की योजनाओं का प्रचार प्रसार कर पात्र किसानों को उद्यान विभाग से जोड़ने के लिए किसान उत्पादक संगठनों के कर्मचारियों पात्र किसानो की सहायता करने का आग्रह किया।
कट्स के समन्वयक गौहर महमूद ने बताया कि जिले में 9 एफपीओ कट्स द्वारा गठित किए गए हैं जिसमें 5 एफपीओ का प्रथम चरण में प्रोसेसयूनिट लगाने की तैयारी प्रारंभ कर दी गई है।
राजीविका के बिजनेस एक्सपर्ट अमर श्रीवास्तव ने बताया कि समन्वित कृषि प्रणाली के तहत जिले में बड़ीसादड़ी और चित्तौड़गढ़ ब्लॉक में 6 क्लस्टरों की स्वीकृति प्राप्त हुई है प्रति क्लस्टर में 300 परिवारों का चयन किया जाएगा। कट्स के कार्यक्रम अधिकारी मदन गिरी गोस्वामी ने बताया कि प्रथम चरण में बेगू बड़ीसादड़ी निंबाहेड़ा चित्तौड़गढ़ और गंगरार ब्लॉक में प्रोसेस यूनिट लगाने के लिए डीपीआर तैयार करने की अगली बैठक 5 अगस्त तय की गई।