भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून मेहरबान है, आलम यह है कि बीते कुछ दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है। कई जिलों में तो भारी बारिश से बाढ़ के हालात बन गए है। जबकि नदी नाले उफान पर है। इस बीच मौसम विभाग ने बताया है कि एमपी में 31 जुलाई से एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 31 जुलाई से 2 अगस्त तक भारी से भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के 7 जिलों में आज तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसमें छतरपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी और अनूपपुर शामिल है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते प्रदेश में फिर तेज बारिश का दौर शुरू होगा।
1 अगस्त से स्ट्रॉन्ग सिस्टम बनेगा, जिसके बाद पूरे प्रदेश में फिर बारिश का दौर शुरू होगा। इधर बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रदेश में पिछले 4 दिन में 12 डैमों के गेट खोले गए।मध्यप्रदेश के पश्चिमी हिस्से में सबसे ज्यादा पानी गिरा है। राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित नर्मदापुरम और चंबल संभागों में अब तक 10 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 4 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई। सबसे ज्यादा बरसात सावन माह की शुरुआत यानी 22 जुलाई से हुई है। जो लगातार जारी है।