भोपाल। प्रदेश के सभी जिलों में काम कर रही जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) को भंग कर दिया गया है। पंचायत राज संचालनालय ने कलेक्टरों को इस संबंध में निर्देश जारी कर कहा है कि केंद्र सरकार के निर्णय पर जिलों में काम कर रही इन समितियों को भंग किया गया है। अब नए सिरे से समितियों के गठन का कार्य किया जाएगा। केंद्र में नई सरकार के गठन के बाद राज्य सरकार को इस समिति को भंग करने के लिए निर्देशित किया गया है। उधर पंचायत राज संचालनालय ने एक अन्य निर्देश में कहा है कि प्रदेश की उन पंचायतों में जल्द श्मशान घाट बनाएं जहां यह व्यवस्था अब तक नहीं है।
सीएम मॉनिट में रखे गए इस निर्देश के क्रियान्वयन के लिए पंचायत राज संचालनालय ने सभी जिला पंचायतों के सीईओ को त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम मॉनिट में ए प्लस कैटेगरी में श्मशान घाट और छात्रावासों की बाउंड्रीवॉल बनाने का काम प्राथमिकता में शामिल किया गया है। इसके चलते पंचायत राज संचालनालय ने जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से कहा है कि आबादी के आधार पर ग्राम पंचायतों में श्मशाम घाट की व्यवस्था की जाए और अन्य आवश्यक सुविधाओं का इंतजाम किया जाए। सीईओ से कहा गया है कि जहां बजट की दिक्कत है वहां 15वें वित्त आयोग, पांचवें वित्त मद तथा सांसद-विधायक मद और जनभागीदारी मद से राशि लेकर इस काम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए।
कन्या छात्रावासों की बाउंड्रीवॉल बनवाने के प्रस्ताव भेजें
इसके साथ ही पंचायतों में बनाए गए कन्या छात्रावासों में बाउंड्रीवॉल बनाने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। संचालक, पंचायत राज द्वारा जारी निर्देश में यह भी कहा गया है कि जिन ग्राम पंचायतों में कन्या छात्रावास में बाउंड्रीवॉल उपलब्ध नहीं है, उनके प्रस्ताव खसरा, नक्शा और तकनीकी स्वीकृति के साथ संचालनालय को भेजें ताकि कार्यवाही की जा सके। कलेक्टरों को भी इस काम को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के लिए कहा गया है।