सरवानिया महाराज। शहर में विजयादशमी के पावन पर्व पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने पथ संचलन निकाला। शनिवार विजयादशमी पर निकले पथ संचलन में सैंकड़ों स्वयं सेवकों ने सफेद रंग की शर्ट और भूरे रंग की फूल पेंट वाली वर्दी में लकड़ी डंडे के साथ कदम ताल मिलायें।
पथ संचलन नीमच-सिंगोली रोड स्थित श्री पंचमुखी बालाजी मंदिर से घौष वादन के साथ प्रारंभ हुआ जो पिपली चौक, सदर बाजार दरवाजा हरिया भेरू चौक होकर पुनः श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर पहुंचा। पथ संचलन से पहले ध्वज प्रणाम के साथ भारत माता एवं द्वितीय सरसंघचालक परम पूज्य माधव सदाशिव गोलवलकर गुरुजी, संघ संस्थापक डॉ. केशव बलीराम हेडगेवार के चित्र पर बौद्धिक प्रमुख जिला सहसेवा प्रमुख बलवंत राठौर, संघचालक घनश्याम शर्मा, नगर कार्यवाह राजेन्द्रसिंह राणावत द्वारा पुष्प, कंकु, लच्छा व माल्यार्पण के साथ शस्त्र पूजन किया गया।
इस अवसर पर बौद्धिक प्रमुख बलवंत राठौर ने बौद्धिक सत्र के दौरान कहा कि भगवान श्रीराम के द्वारा इसी दिन लंका पर विजय प्राप्त करके असत्य पर सत्य की जीत हासिल की थी। इसी भाव का संदेश राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश और समाज को प्रदान करने का प्रयास कर रहा है। 1925 में इसी भाव को लेकर डा. केशव राव बलिराम हेडगेवार ने संघ की स्थापना की थी जो आज संपूर्ण राष्ट्र के साथ देश प्रेम, देशभक्ति, समरसता और सेवा के भाव को लेकर आगे बढ़ रहा है। सभी स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि संघ के इसी संदेश को लेकर हम सभी समाज में जाएं और इस भावना को संपूर्ण राष्ट्र में प्रचारित व प्रसारित करें। उन्होंने कहा कि पंच परिवर्तन में समाज में समरसता का आग्रह, पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली, पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देने हेतु कुटुंब प्रबोधन, जीवन के हर पक्ष में ‘स्वय’ यानी भारतीयता का आग्रह और नागरिक कर्तव्यों की दृष्टि से समाज जागरण करने जैसे आयाम हैं। राष्ट्रीयता की भावना से ओतप्रोत कई लोग जाति, पंथ और पार्टी पॉलिटिक्स से उपर उठकर पथ संचलन में शामिल हुए।
संचलन में बॉल स्वयंसेवकों ने भी मिलाएं कदमताल-
पथ संचलन में कम उम्र के स्वयंसेवकों के नन्हे कदमों ने कदमताल मिलाते हुए संचलन में भाग लिया। बता दें कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा पारंपरिक तौर पर विजयादशमी पर्व पर विजय उत्सव के रूप में यह पथ संचलन निकाला जाता है, जिसमें सैकड़ो की संख्या में स्वयं सेवक अपनी वर्दी में पथ संचलन में शामिल होते हैं। इस पूरे पथ संचलन में पुलिस चौकी प्रभारी व पुलिसकर्मी मुस्तैदी के साथ नज़र आए।
पुष्प की अभिलाषा ,देना फेंक जिस पथ पर जाते वीर अनेक-
भारत के पुष्प की अभिलाषा रही है मुझे तौड़ लेना वन माली और उस पथ पर देना फेंक जिस पथ पर भारत मां को सिस चढ़ाने जाते वीर अनेक। और जब शहर की सड़क पर जय घोष की मधुर ध्वनि के साथ स्वयं सेवकों के कदमताल का नज़ारा नजर आया तो लोगों ने सहज की पुष्प की इस अभिलाषा को पुरा कर जगह जगह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सेनिको के स्वागत में पुष्प वर्षा कर अभिनन्दन किया।