भोपाल। केंद्र सरकार ने देश की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त, पारदर्शी और कुशल बनाने के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर एक नई और बेहद महत्वपूर्ण गाइडलाइन जारी की है। सरकार का मुख्य फोकस प्रशासनिक लेती-लतीफी को खत्म कर अधिकारियों की कार्यकुशलता और निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाना है। इस संबंध में केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में तत्काल सुधार करने के लिए निर्देशित करने को कहा है।
समय पर होंगी बैठकें, लंबी चर्चाओं पर लगेगी लगाम
अक्सर देखा जाता है कि सरकारी बैठकें घंटों चलती हैं लेकिन उनका ठोस नतीजा नहीं निकलता। नई गाइडलाइन में इस पर कड़ा रुख अपनाया गया है। सभी सरकारी बैठकें अब बिना किसी देरी के अपने निर्धारित समय पर शुरू होंगी। बैठकों को बेवजह लंबा खींचने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाएगी। हर बैठक का एक स्पष्ट निष्कर्ष (Outcome) होना अनिवार्य होगा, साथ ही समयबद्ध तरीके से निर्णय सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।
फाइलों के मूवमेंट में आएगी तेजी
प्रशासनिक दक्षता (Administrative Efficiency) को बढ़ाने के लिए फाइलों के निस्तारण को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं। फाइलों के मूवमेंट की गति को तेज किया जाएगा, ताकि किसी भी नीति या योजना से जुड़े फैसलों में देरी को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
अधिकारियों को नसीहत: नियमित करें आत्ममंथन
गाइडलाइन में अधिकारियों के व्यक्तिगत कार्य व्यवहार और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी महत्वपूर्ण सलाह दी गई है। अधिकारियों को छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलाव करने की सलाह दी गई है, जिससे काम की गुणवत्ता बेहतर हो और तनाव का प्रबंधन (Stress Management) अच्छे से हो सके। नौकरशाहों को अपनी कार्यशैली का नियमित रूप से आत्ममंथन करने की नसीहत दी गई है ताकि वे खुद अपनी कमियों को सुधार सकें।
विषयगत ज्ञान (Subject Training) के साथ-साथ अधिकारियों में व्यवहारिक प्रशासनिक कौशल विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया है। केंद्र सरकार के इस कदम से आने वाले दिनों में राज्यों की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मध्य प्रदेश में भी मुख्य सचिव के स्तर पर जल्द ही इन निर्देशों को अमलीजामा पहनाने के लिए जिला स्तर तक कड़े निर्देश जारी किए जा सकते हैं।