विदिशा। अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के चिकित्सा शिक्षकों ने पदोन्नति नियमों के विरोध में अपना आंदोलन तेज कर दिया है। मेडिकल टीचर एसोसिएशन (MTA) ने मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति-2025 के तहत लागू नियमों पर आपत्ति जताते हुए नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के नियम लागू करने की मांग की है।
एसोसिएशन का कहना है कि वर्तमान पदोन्नति व्यवस्था के कारण चिकित्सा शिक्षा विभाग में मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों की पदोन्नति नहीं हो पा रही है। इस संबंध में कई बार शासन और प्रशासन को ज्ञापन देने के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
चरणबद्ध आंदोलन के तहत शुक्रवार को दोपहर 12 से 1 बजे तक चिकित्सा शिक्षकों ने नियमित कार्य बंद रखकर मेडिकल कॉलेज परिसर में धरना दिया। हालांकि, इस दौरान आपातकालीन सेवाएं और मरीजों का उपचार सामान्य रूप से जारी रहा।
एसोसिएशन ने घोषणा की है कि आंदोलन के अगले चरण में 18 जुलाई को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक तीन घंटे के लिए नियमित कार्य बंद रखा जाएगा। इसके बाद 20 जुलाई को पदाधिकारियों की बैठक में आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी।
मेडिकल टीचर एसोसिएशन का आरोप है कि चिकित्सा शिक्षकों की पदोन्नति पर सामान्य प्रशासन विभाग के नियम लागू किए जा रहे हैं, जबकि मेडिकल कॉलेजों में वर्षों से नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के मानकों के अनुसार पदोन्नति होती रही है।
शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो मेडिकल कॉलेज में शिक्षकों के रिक्त पद बढ़ेंगे, जिससे कॉलेज की मान्यता, एमबीबीएस और पीजी सीटों के विस्तार की योजना तथा मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने सरकार से NMC के नियमों के अनुसार पदोन्नति प्रक्रिया लागू कर विसंगतियों को शीघ्र दूर करने की मांग की है।