ग्वालियर। रेलवे में ऑन बोर्ड हाउस कीपिंग का ठेका पियूष ट्रेडर्स को दिया गया है, लेकिन कंपनी द्वारा रखे गए 28 कर्मचारियों को जुलाई और अगस्त का वेतन नहीं मिला है।
ऐसे में वेतन नहीं मिलने से परेशान एक कर्मचारी, समर्थ भारती ने वाट्सएप ग्रुप में सुसाइड की धमकी देते हुए कहा कि यदि उसे वेतन नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगा और इसके लिए एजेंसी के चार लोग जिम्मेदार होंगे।
कर्जदार कर रहे परेशान
सुसाइड नोट लिखने वाले कर्मचारी समर्थ का कहना है कि उसके घर में आए दिन कर्जदार आ रहे हैं। मुझे उनका पैसा देना है लेकिन अगस्त का मेरा वेतन नहीं दिया गया। कर्मचारी ने बताया कि उसे हर माह 7 हजार रुपए वेतन मिलता है लेकिन उसका भी भुगतान नहीं किया गया।
वहीं 12 कर्मचारियों ने मिलकर जीआरपी थाना के टीआई को लिखित में आवेदन दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि ओबीएचएस स्टाफ को जुलाई और अगस्त का वेतन नहीं मिला है। पियूष ट्रेडर्स के प्रतिनिधियों से बात करते हैं तो कह देते हैं वेतन देंगे पर मिल नहीं रहा।
ऐसे में हम लोगों ने अगस्त में ट्रेनों की सफाई करना बंद कर दिया था। इसके बाद आश्वासन दिया गया कि ट्रेनों में जाएं और सफाई करें वेतन मिल जाएगा। लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ। जीआरपी के टीआई को आवेदन देकर कंपनी से सैलरी दिलाने की मांग की है।
1.88 करोड़ में दो साल का ठेका
मैकेनिकल विभाग के अफसरों ने बताया कि कंपनी को मार्च 2025 तक के लिए दो साल का ठेका 1.88 करोड़ रुपए में दिया गया है। इस कंपनी को ऑन बोर्ड हाउस कीपिंग का ठेका है। अफसरों ने बताया कि सफाई कर्मचारियों के पास सफाई के उपयोग में लिया जाने वाला केमिकल तक नहीं है।
रेलवे अफसर उन पर कार्रवाई नहीं कर दें इसलिए वह अपने स्तर पर व्यवस्था कर रहे हैं। कंपनी के प्रतिनिधि सुनने को तैयार नहीं हैं। इस मामले में झांसी तक के अफसरों को अवगत करा दिया गया है।
कंपनी यदि सफाई नहीं करवाएगी तो कार्रवाई होगी
इस मामले में झांसी मंडल के पीआरओ मनोज कुमार सिंह का कहना है कि कंपनी के कर्मचारियों को वेतन देने की जिम्मेदारी ठेकेदार की है। रेलवे द्वारा पियूष ट्रेडर्स को ठेका दिया गया है। कंपनी द्वारा जो भी हर माह बिल भेजे जाते हैं, उनका नियमानुसार भुगतान किया जा रहा है। यदि रनिंग ट्रेनों की सफाई नहीं होगी तो कंपनी पर कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।