बागली। विधानसभा की सबसे बड़ी हाटपिपल्या माइक्रो सीचाइ परियोजना अंतर्गत बागली के समिप कुपगांव में बड़े तालाब का निर्माण होना है, लेकिन यह तालाब अब राजनीति की भेंट चढ़ चुका है, राजनीति के हस्तक्षेप के चलते यह तालाब स्थांतरित कर झीकडाखेडा के समिप बनाने की तैयारी चल रही है, लेकिन करनावद, बरखेड़ा सोमा,झिकडाखेडा सहित आसपास के किसान इस का विरोध कर रहे हैं,एवं बागली क्षेत्र के किसानों की मांग है कि कुपगांव में ही तालाब बना चाहिए। जिससे क्षेत्र को लाभ मिलेगा। लेकिन राजनीति हस्तक्षेप के कारण क्षेत्र के किसानों में आक्रोश नजर आ रहा है।
बुधवार को बड़ी संख्या में महिलाएं व ग्रामीण किसान बागली पहुंचे, जहां पर अपनी मांगो को लेकर विधायक मुरली भंवरा के कार्यालय का घेराव किया गया। भारतीय किसान संघ हाटपिपल्या तहसील अध्यक्ष रामनारायण यादव ने बताया कि तालाब स्थांतरित का मामला लंबे समय से चल रहा है,इस संबंध में बागली विधायक से कई बार मुलाकात की गई लेकिन भ्रमिक आश्वासन दिए गए। लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया गया। सुबह से ही विधायक कार्यालय के सामने भारतीय किसान संघ जिला इकाई के बेनर तले अनिश्चितकालीन धरने प्रदर्शन पर बैठे। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांग का निराकरण नहीं होगा तब तक वह यहीं पर धरने पर बैठेंगे। किसान अपने साथ भोजन बनाने की सामग्री लेकर आए हैं, साथ में बड़ी संख्या, महिलाएं भी आई।
इस दौरान कार्यालय के बाहर किसानों ने विधायक तेरी तानाशाह नहीं चलेगी नहीं चलेगी,के नारे भी लगाए,इस योजना में तालाब स्थांतरित में विधायक की भुमिका बताई जा रही है। जिसके कारण किसानों में आक्रोश है। किसान चंपालाल पाटीदार ने बताया कि उक्त योजना की डिपिइआर में कुपतालाब का ही विस्तारिकरण होना है,इस लिए भुमि पुजन भी हो गया है, जिसके बावजूद इस तालाब को अन्य जगह स्थानांतरित क्यों किया जा रहा है।
इस दौरान प्रशासन कि ओर से तहसीलदार नीरज प्रजापति, थाना प्रभारी हिना डाबर भी धरना प्रदर्शन स्थल पहुची,ओर सभी किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी।