इंदौर। सुपर कॉरिडोर के छह किमी के हिस्से पर जनवरी के पहले सप्ताह में कमर्शियल रन की तैयारी जोरों पर है, लेकिन इसके पहले मेट्रो रेल कॉर्पाेरेशन को सीएमआरएस यानी कमिशनर ऑफ रेलवे सेफ्टी की एनओसी लेना होगी। सुरक्षा मानकों के परीक्षण के बाद ही जनता के लिए ट्रेन चलाने की अनुमति दी जाती है। इसके लिए डॉक्यूमेंट अपलोड करने का काम किया जा रहा है।
मेट्रो रेल कॉर्पाेरेशन के एमडी एस. कृष्ण चौतन्य ने शनिवार को मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर चल रहे निर्माण कार्यों का मुआयना किया। इसके बाद अफसरों की बैठक ली। जनवरी के पहले सप्ताह में छह किमी का हिस्सा आम जनता के लिए खोला जाना है। हालांकि यह ऐसा रूट है जहां मेट्रो को ज्यादा यात्री नहीं मिलेंगे। कामकाज की बात करें तो गांधी नगर से टीसीएस चौराहा तक पांच स्टेशन आ रहे हैं। इनमें से दो स्टेशनों में लिफ्ट, सीढ़ी सहित अन्य काम किए जा रहे हैं जबकि बाकी स्टेशन पर फिनिशिंग का काम हो रहा है।
अब तक गांधी नगर स्थित डिपो में ट्रेन के 10 सेट आ चुके हैं। एक सेट में इंजन सहित तीन डिब्बे हैं। गांधीनगर स्टेशन से मालवीय नगर चौराहा स्टेशन तक 16 मेट्रो स्टेशन बन रहे हैं। उनके काम की रफ्तार देखी। इंदौर में मेट्रो के जल्द संचालन के लिए वे हर सप्ताह इंदौर आ रहे हैं।
06 किमी के हिस्से में शुरू किया जाना है मेट्रो का कमर्शियल
16 स्टेशन बन रहे हैं गांधीनगर से मालवीय नगर तक
10 सेट आ चुके हैं मेट्रो ट्रेन के अब तक इंदौर में
सबसे पहले डिपो पहुंचे एमडी
शनिवार को मैनेजिंग डायरेक्टर सबसे पहले डिपो पहुंचे। कंट्रोल रूम, एडमिन बिल्डिंग, सिस्टम रूम सहित अन्य कामों को लेकर अफसरों से प्रगति रिपोर्ट जानी। एंट्री-एग्जिट, एस्केलेटर, कंट्रोल रूम, ट्रैक और यात्री सुविधाओं की भौतिक स्थिति का आकलन किया। 17.5 किमी के एलिवेटेड कॉरिडोर पर भी कुछ हिस्से ऐसे हैं, जहां स्टेशन या ट्रैक के लिए सिविल वर्क होना है। एमडी ने सारे सिविल काम जल्द पूरा करने के लिए कहा।
इधर, एमजी रोड पर अंडरग्राउंड का विरोध
इधर, एमजी रोड से अंडरग्राउंड मेट्रो ले जाने को लेकर भी विरोध शुरू हो गया है। शनिवार को व्यापारी संगठनों, वकीलों व अन्य ने बैठक बुलवाई। सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोडवानी का कहना है कि एमजी रोड पर राजबाड़ा, गांधी हॉल सहित 14 हेरिटेज बिल्डिंग हैं। आसपास 300 मीटर कोई निर्माण नहीं किया जा सकता।
यहां अंडरग्राउंड लाइन डालने से शहर का ग्राउंड वाटर सिस्टम प्रभावित होगा। व्यापारिक संगठन भी इसका विरोध कर रहे हैं। इसे लेकर कई बार विरोध हो चुका है। एक बार पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन मौका-मुआयना भी कर चुकी हैं। राजबाड़ा व्यापारिक एसोसिएशन, कोठारी मार्केट के व्यापारी और मल्हारगंज क्षेत्र के व्यापारी इसे लेकर विरोध दर्ज कर चुके हैं।