इंदौर। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के सम्मेलन में हिस्सा लेने इंदौर आए यूजीसी चेयरमैन डॉ. एम जगदेश कुमार ने कहा है कि जहां सेमेस्टर सिस्टम लागू नहीं है, वहां नई एजुकेशन पॉलिसी का कोई मतलब नहीं है। हालांकि पूरे मप्र में सात वर्षों से डिग्री कोर्सेस में सेमेस्टर सिस्टम ही नहीं है।
केवल पीजी व इंटिग्रेटेड कोर्सेस में ही यह लागू है। उन्होंने कहा कि हर छह माह में छात्रों का मूल्यांकन किया जाना बेहद जरूरी है। प्रदेश की स्थिति पर उन्होंने कहा, जहां यह सिस्टम लागू नहीं है, उन्हें जल्द इस पर शिफ्ट हो जाना चाहिए।
एक वर्ष में भी पीजी कर पाएंगे
डॉ. कुमार ने कहा कि नई पॉलिसी के जिन छात्रों ने वर्ष 2024 में यूजी चौथे वर्ष में प्रवेश लिए हैं, वे 2025 में एक वर्षीय पीजी कोर्स में प्रवेश ले सकेंगे। हमारा फोकस 80 प्रतिशत उन छात्रों पर हैं, जो ट्रेडिशनल कोर्स के हैं। तकनीकी कोर्सेस का निर्णय एआईसीटीई को लेना है।
विरोध भी अनसुनारू मप्र में उच्च शिक्षा विभाग ने 2021 में बीबीए व बीसीए जैसे अहम कोर्स से भी सेमेस्टर सिस्टम हटा दिया था। जबकि इन कोर्सेस में शुरू से ही सेमिस्टर सिस्टम लागू था। विभाग ने नई शिक्षा नीति लागू होते ही इन कोर्स में भी वार्षिक परीक्षाएं लेना शुरू कर दी थी। न केवल छात्रों बल्कि शिक्षाविदों ने भी कड़ा विरोध किया, लेकिन विभाग ने उस पर ध्यान नहीं दिया।