BREAKING NEWS
KHABAR : कलेक्टर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट.. <<     KHABAR : कचरा प्रबंधन में लापरवाही नहीं होगी.. <<     KHABAR : पेटलावद को मिली विकास कार्यों की सौगात,.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     NEWS : 15 जुलाई को राजस्थान के सभी निजी विद्यालय.. <<     NEWS : राजस्थान समान नागरिक संहिता विधेयक-2026 पर.. <<     BIG NEWS : नीमच शहर का स्कीम नं. 34 और अज्ञात बदमाश, जब.. <<     BIG REPORT : नीमच जिले में थमा मानसून का दौर, पिछले.. <<     KHABAR : मंदसौर में निजी पैथोलॉजी लैब सेंटरों का.. <<     KHABAR : नीमच में पालक संघ सौंपेगा ज्ञापन,.. <<     KHABAR : नीमच शहर में 14 जुलाई को पेयजल सप्लाई रहेगी.. <<     KHABAR : बोरी कांड पर उबाल, थाने के बाहर जनसैलाब,.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     BIG NEWS : मंदसौर जिले में सूखे जैसे हालात, फसल नहीं.. <<     शिवपुरी में दुकानों के ताले तोड़कर चोरी करने.. <<     BIG REPORT : नीमच कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के तेवर.. <<     NEWS : चित्तौड़गढ़ में गो सम्मान आह्वान अभियान की.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
December 3, 2024, 2:34 pm
KHABAR : संत 1008 सियाराम बाबा के स्वास्थ्य में सुधार, अस्पताल से हुए डिस्चार्ज, निमोनिया की शिकायत के बाद भर्ती कराया गया था, पढे़ खबर 

Share On:-

खरगोन। नर्मदा किनारे भट्टयान बुजुर्ग आश्रम के संत 1008 श्री सियाराम बाबा (108 लगभग) के स्वास्थ्य में गिरावट के बाद 2 दिन पहले उन्हें सनावद के एक निजी अस्पताल में अनुयाई ले गए थे। डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें निमोनिया की शिकायत बताई थी। संत के स्वास्थ्य की चिंता को लेकर अनुयाई बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे थे। उनके स्वास्थ्य में सुधार के बाद मंगलवार को सुबह 8.30 बजे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया।


डॉ. सुभाष मोरी ने बताया कि संत के स्वास्थ्य में पहले की तुलना में काफी सुधार है। संत के कहने पर उन्हें डिस्चार्ज किया है। उनके स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जा रही है। बाबा के नजदीकी भक्तों ने कहा कि बाबा पूर्ण स्वस्थ होकर नर्मदा तट भट्यान आश्रम पहुंच रहे है।


कठोर मौन तप बाद सियाराम उच्चारण से हुआ नामकरण
अनुयायी बताते हैं कि संत सियाराम बाबा का जन्म 1933 में गुजरात के भावनगर में हुआ था। 17 वर्ष की आयु में उन्होंने गृहस्थ जीवन त्याग आध्यात्मिक मार्ग पर अग्रसर हो गए। अपने गुरु के साथ कई वर्षों तक शिक्षा ग्रहण करने व तीर्थ भ्रमण बाद वे नर्मदा तट स्थित भट्याण गांव पहुंचे। यहीं एक पेड़ के नीचे खड़े रहकर मौन रहकर कठोर तप किया। उनकी साधना पूर्ण हुई तो उन्होंने सियाराम उच्चारण किया। तभी से उन्हें सियाराम बाबा के नाम से बुलाने लगे।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE