भोपाल। श्रीलंका से पधारे महाबोधि सोसाइटी ऑफ श्रीलंका फाउंडेशन के प्रेसिडेंट बानगल उपतिस्स थ्रोष् ने सुख शांति भवन में वृक्षारोपण कर दिया विश्व शांति व आपसी भाईचारे का संदेश श्रीलंका से पधारे महाबोधि सोसाइटी ऑफ श्रीलंका फाउंडेशन के प्रेसिडेंट बानगल उपतिस्स थ्रो ने सुख शांति भवन में वृक्षारोपण कर दिया विश्व शांति व आपसी भाईचारे का संदेश।
मध्य प्रदेश शासन एवं श्रीलंका महाबोधि सोसाइटी सांची के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित चेतियागिरी विहार सांची के 72वें वार्षिक उत्सव के अवसर पर श्रीलंका से पधारे महाबोधि सोसाइटी ऑफ श्रीलंका फाउंडेशन के प्रेसिडेंट बानगल उपतिस्स थ्रो ने जापान, श्रीलंका और यू.एस.ए से पधारे अतिथियों के साथ ब्रह्माकुमारी सुख शांति भवन भोपाल का दौरा किया। कार्यक्रम के दौरान, वरिष्ठ राजयोगी भ्राता रामकुमार ने सभी अतिथियों को भवन का अवलोकन कराया और आध्यात्मिक चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से विचार साझा किए। भवन के शांतिपूर्ण वातावरण की सभी ने सराहना की।
इस दौरान श्रीलंका के प्रसिद्ध लोक गीत गायक एवं लेखक ने गीत गाकर ब्रह्माकुमारीज संस्थान की आत्मीयता और वसुधैव कुटुंबकम की भावना की महिमा का प्रचार किया। सुख शांति भवन की निर्देशिका राजयोगिनी नीता दीदी ने भी अपना अनुभव साझा करते हुए गुरुजी की सरलता, सादगी, निर्मानता और रूहानियत की सराहना की। बीके डॉ देवयानी द्वारा राजयोग मेडिटेशन की अनुभूति कराई गई, जिसमें सभी ने गहन शांति महसूस की और अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर बानगल उपतिस्स थ्रो ने वृक्षारोपण कर विश्व शांति और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि भारत की संस्कृति, सभ्यता और यहां के लोगों का व्यवहार उन्हें अत्यधिक आकर्षित करता है। महाबोधि जी ने अपने अनुभव में कहा कि नीता दीदी और ब्रह्माकुमारी बहनों से ऐसा लगता है कि हमसे इनका कोई पूर्व जन्म का संबंध है और उन्होंने आगे भी नियमित रूप से आने का वायदा किया। साथ ही सभी को श्रीलंका आने का निमंत्रण भी दिया। कार्यक्रम का संचालन ब्रह्माकुमारी हेमा बहन द्वारा किया गया।