चित्तौड़गढ़। ब्रह्मा कुमारी प्रताप नगर राजयोग सेवा केंद्र की संचालिका आशा दीदी ने बताया कि परमात्मा भाग्य लिखते तो सभी खुश होते, दुनिया सूखी होती। उन्होंने बताया कि परमात्मा भाग्य निर्माता है भाग्य लिखने का विधान सिखाते हैं, परमात्मा हमें सही कर्म करने का ज्ञान देते हैं, हमारा कर्म ही हमारा भाग्य लिखते हैं । उन्होंने कहा कि हमें कोई कष्ट दे, बद्दुआ दे, परंतु हमें तो दुआ ही देना है। क्योंकि हमारे संस्कार किसी को दुख देने वाले नहीं है मनुष्य के जो कर्म होते हैं वही उसके साथ अगले जन्म के लिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि रोज अपने आप को विचार दें कि मैं शक्तिशाली आत्मा हूं मेरा परिवार स्वस्थ है जो हुआ मेरे लिए अच्छा है मैं अपने घर का शक्तिशाली स्तंभ हूं। क्योंकि जो जो हम सोचते हैं वैसा ही होने लगता, उन्होंने बताया कि हमें अपने जीवन में सदा खुश रहने के लिए सभी को अप्रिशिएट करें। सभी से विशेषताएं देखें और विशेषताओं की ही लेनदेन करें तो हमारा जीवन शांति से खुशी से सदा भरपूर रहेगा और हम तनाव से भी मुक्त रह सकेंगे।