भोपाल। अनियमित-अंशकालीन कर्मचारियों एवं श्रमिकों की 10 सूत्रीय मांगों को लेकर मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच जन जागरण आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा। वहीं मंच के अध्यक्ष अशोक पांडे ने फैसला किया है कि 19 दिसंबर को कर्मचारी विधानसभा का घेराव करेंगे और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे।
आंदोलन को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार पिछले 20 वर्षों से अनियमित,अंशकालीन कर्मचारियों एवं श्रमिकों की उपेक्षा कर रही है। मंत्री, अधिकारियों से कई बार मुलाकात के बाद भी मांगों पर विचार नहीं किया जा रहा है। इससे कर्मचारी सरकार से नाखुश हैं और मजबूर होकर आंदोलन करना पड़ रहा है। प्रदेश में वर्तमान सूचकांक के आधार पर श्रमिकों को वेतन नहीं दिया जा रहा है। दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अंशकालीन कर्मचारियों को पूर्णकालिक दैनिक वेतन भोगी के रूप में कलेक्टर दर से वेतन नहीं दिया जा रहा है। श्रमिकों का वर्गीकरण नहीं किया जा रहा है, जो श्रमिकों के अधिकारों का हनन है। इस कारण अब अनिश्चितकालीन प्रदेश व्यापी जन जागरण आंदोलन शुरू किया गया है। इस आंदोलन में कर्मचारी नेता अशोक पांडे, जगदीश शर्मा, चांद सिंह सिंह, राजू सिंह, घनश्याम कटारे, राजाराम मौरे, लव प्रकाश पाराशर, भगवान दास बिल्लोरे, श्यामलाल विश्वकर्मा, केके कहार, बद्री गौर, शिवप्रसाद सांगुले, सत्येंद्र पांडे, प्रीतम मेहर आदि शामिल थे।
कर्मचारियों की मांगें ....
अकुशल स्थाई कर्मियों का वेतन 10 हजार रुपए करें।
अर्द्धकुशल-स्थाई कर्मियों को 12500, कुशल स्थाई कर्मियों को 15 हजार वेतन दें।
स्थाई कर्मियों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ दें।
स्थाई कर्मियों को स्थानांतरण सुविधा का लाभ दें।
स्थाई कर्मियों को सेवानिवृत्ति एवं मृत्यु होने पर 10 लाख ग्रेच्युटी दें।
दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को नियमित करें
अंशकालीन कर्मचारी, वन समिति चौकीदारों एवं पीटीएस कर्मचारियों का वेतन 10 हजार रुपए करें।
अंशकालीन कर्मचारी, वन समिति चौकीदारों एवं पीटीएस कर्मचारियों को नियमित करें।
केंद्र सरकार के श्रमिकों के समान प्रदेश के श्रमिकों का वेतन 20 हजार प्रतिमाह करें।
प्रदेश के समस्त अनियमित कर्मचारियों एवं श्रमिकों का 10 लाख रुपए का बीमा निरूशुल्क कराएं।
समस्त अनियमित कर्मचारी एवं श्रमिकों को पेंशन सुविधा का लाभ दें।
समस्त अनियमित कर्मचारी एवं श्रमिकों को प्रतिवर्ष रविवार सहित 60 दिन का अवकाश वेतन दें।