जबलपुर। भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक (सीएजी ) की रिपोर्ट में चौंकाने वाला बड़ा खुलासा हुआ है। 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन के नाम पर करोड़ों रुपए की होली खेली गई है। मध्यप्रदेश में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का दावा फर्जी निकला है। कैग (सीएजी) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों ने फर्जी आंकड़ों के जरिए अवार्ड हासिल किया है।
कैग (सीएजी) की रिपोर्ट के अनुसार, तीनों डिस्कॉम कंपनियों ने झूठे सर्वे और फर्जी आंकड़े पेश किए।गांवों में शत प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन के नाम प्रत्येक कंपनी को 100 करोड़ रुपये का इंसेंटिव और 50 लाख रुपये का कैश प्राइज दिया गया। कैग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कई गांव अब भी बिजली से वंचित है। कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर और पोल लगाए तो गए, लेकिन बिजली नहीं पहुंची है। पीएम सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य योजना), दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के नाम पर फर्जी आंकड़ों और सर्वे रिपोर्ट का खेल हुआ है। इस खुलासे के बाद सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। कैग रिपोर्ट पर नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक ने सरकार से जांच की मांग की है। रजत भार्गव, सदस्य, नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने कहा कि जांच न कराए जाने पर हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।