BREAKING NEWS
छतरपुर में शादी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह.. <<     BIG NEWS : सीतामऊ के ढाबे पर खूनी बवाल, खाने की बात.. <<     BIG NEWS : नशे के सौदागरों पर नीमच सिटी पुलिस का बड़ा.. <<     KHABAR : मानव सेवा का संदेश, स्थापना दिवस पर भारत.. <<     KHABAR : राजस्थान के प्रसिद्ध केसूंदा शक्तिपीठ.. <<     सिरोही जिले के माउंट आबू में नि:शुल्क हड्डी.. <<     माउंट आबू में राजनेताओं का सम्मेलन, CM प्रमोद.. <<     घर के बने शुद्ध मसालों ने दिलाई पहचान, राजगढ़.. <<     नीमच जिले के जमुनिया रावजी में भक्ति का संगम,.. <<     KHABAR : बंद आंखों से पढ़ने-लिखने का प्रदर्शन देख.. <<     BIG NEWS : चलती एम्बुलेंस में गूंजी नवजात की.. <<     NEWS : गुजरात में न्युवोको का बड़ा विस्तार, सूरत.. <<     KHABAR : भाजपा जिला नीमच की संगठनात्मक बैठक आज,.. <<     NEWS : प्रभारी सचिव ने की योजनाओं और सेवा शिविरों.. <<     NEWS : प्रभारी सचिव ने शहरी सेवा शिविर का किया.. <<     BIG NEWS : हथियार सप्लायर का खेल खत्म, 10 हजार का.. <<     GOLD & SILVER RATE : यहां क्लिक करेंगे तो जानेंगे प्रदेश.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
December 24, 2024, 2:23 pm
KHABAR : जनता के लिए बैन और माननीयों के लिए, परिषद की बैठक में डिस्पोजल में परोसी गई चाय, पार्षदों ने भी पी, महापौर के निर्देशों की जमकर उड़ी धज्जियां, पढे़ खबर

Share On:-

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव के निर्देश की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। दरअसल, इंदौर नगर निगम ने अपने ही नियम तोड़ दिए। परिषद बैठक में डिस्पोजल में चाय पिलाई गई। पार्षद खुद ही डिस्पोजल के कप में चाय पीते नजर आए। जबकि शहर में डिस्पोजल में चाय बेचने पर कई दुकानदारों के हजारों रुपये के चालान बनाए गए थे। यानी कहा जा सकता है कि यह नियम केवल और केवल जनता के लिए, माननीयों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।


महापौर पुष्यमित्र भार्गव के डिस्पोजल में चाय देने पर लगाए गए बैन की नगर निगम ने खुद ही धज्जियां उड़ा दीं। हाल ही में हुई नगर निगम की परिषद बैठक के दौरान सदस्यों को डिस्पोजल गिलास में चाय परोसी गई। जबकि मेयर ने इस पर पूरी तरह रोक लगाने का आदेश दिया था। महापौर ने पहले स्पष्ट रूप से कहा था कि “डिस्पोजल में गर्म चाय डालने से उसका केमिकल पिघलकर शरीर में जाता है, जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।


उनके निर्देशों के बाद शहर में दुकानदारों पर डिस्पोजल में चाय देने के लिए हजारों रुपये के चालान भी काटे गए थे। लेकिन अब नगर निगम की इस लापरवाही से सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या यह नियम केवल आम जनता पर लागू है ? या फिर नगर निगम अपने ही आदेशों का पालन करने में विफल हो रहा है ?


आपको बता दें कि डिस्पोजल कपों का पुनः उपयोग नहीं किया जा सकता और ये पर्यावरण में प्लास्टिक कचरे के रूप में जमा हो जाते हैं, जिससे मृदा और जल प्रदूषण की समस्या उत्पन्न होती है। शहर में पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने डिस्पोजल पर बैन लगाया था। डिस्पोजल कप के इस्तेमाल पर प्रतिबंध से केवल स्वास्थ्य बल्कि पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE