भोपाल। पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने पर हाईकोर्ट के फैसले पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा दृ हमने जो कहा था वही बात हमने हाई कोर्ट में भी रखी है। हमने कहा कि हाई कोर्ट के निर्देशानुसार हमने यूनियन कार्बाइड का कचरा पीथमपुर में शिफ्ट किया था। पीथमपुर में जन भावनाओं का, बाकी सभी पक्षों को सुनने का मौका मिलना चाहिए।
हाईकोर्ट ने इस बात को माना और सभी पक्षों को सुनने के लिए 6 सप्ताह का वक्त दिया है। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट अपना फैसला देगा। इस फैसले के लिए मैं माननीय हाईकोर्ट को धन्यवाद देता हूं। हाईकोर्ट ने जो फैसला दिया है वह सरकार की मंशा को जानकर दिया है। हम माननीय हाईकोर्ट की परामर्श के बाद ही आगे बढ़ेंगे। हम सब की आस्था और विश्वास माननीय हाईकोर्ट में है। मैं भी यही कहना चाहूंगा की सभी पक्ष माननीय न्यायालय के सामने अपनी बात रखें। फैसला हम सब की आशा अपेक्षा के अनुसार आया है। मैं क्षेत्र के लोगों से कहूंगा कि वह माननीय हाईकोर्ट के सामने अपनी बात रखें अभी समय है।
आपत्ति सरकार के सामने पेश करें
मध्यप्रदेश के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कहा कि- जहरीले कचरे को लेकर फैलाई गई भ्रांतियों की वजह से विवाद हुआ।भ्रांतियों को दूर करने के लिए सरकार ने हाईकोर्ट से समय मांगा है। इस मोहलत में हम ऐसी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास जनता के बीच जाकर करेंगे, ताकि हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन किया जा सके। हाईकोर्ट ने फेक न्यूज ना फैलाने को लेकर सख्त हिदायत दी है। सुरक्षित निष्पादन के लिए कोई आपत्ति है तो सरकार के सामने पेश करें, आपत्तियों पर सरकार उचित फैसला लेगी।
घातक बीमारियां फैलने के साथ पानी और भूमि खराब होगी
डॉक्टर एसोसिएशन की ओर से लगाई गई याचिका में अभिनव धनोडकर- इंदौर डॉक्टर्स एसोसिएशन के वकील ने दलील दी कि-जहरीले कचरे के निपटान से पीथमपुर, महू और धार की जनता पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। नियम शर्तों के मुताबिक आपदा प्रबंधन कमेटियों का गठन नहीं किया गया। जहरीले कचरे से संबंधित रिपोर्ट 2015 की है आज की तारीख की रिपोर्ट अब तक नहीं कराई है। भारत सरकार ने तीन चरणों की बात कही थी।राज्य सरकार ने नियमों का पालन नहीं किया। अगर नियम और शर्तों का पालन किया तो कोर्ट के सामने रखी जाए। कचरा जलाने से घातक बीमारियां फैलने के साथ ही पानी और भूमि खराब होगी।