BREAKING NEWS
REPORT : कल नीमच दौरे पर रहेंगे नगरीय विकास मंत्री.. <<     KHABAR : सफलता की कहानी- मुख्यमंत्री लाड़ली.. <<     रतलाम के जावरा में शहर काज़ी विवाद ने पकड़ा.. <<     KHABAR : आकाशीय बिजली से उजड़ा आशियाना, सामाजिक.. <<     KHABAR : इंदौर में केंद्र सरकार पर गरजे हरीश चौधरी,.. <<     BIG NEWS : गलियाकोट में उमड़ा अकीदत का समंदर, सैयदी.. <<     VIDEO NEWS: एमपी में मानसून का महाविस्फोट!,थमने का.. <<     KHABAR : जन अभियान परिषद की पहल, एक पेड़ माँ के नाम.. <<     BIG NEWS : नीमच में जुटने लगीं देशभर की नामी.. <<     दतिया उपचुनाव में ASP का शक्ति प्रदर्शन आज,.. <<     KHABAR : जावरा शहर काज़ी पद को लेकर विवाद, अवैध.. <<     KHABAR : दतिया में 11 जुलाई को आजाद समाज पार्टी का.. <<     KHABAR : भोपाल के मास्टर प्लान पर हंगामा,.. <<     BIG NEWS : एमपी पुलिस में प्रमोशन की तैयारी, सीएम के.. <<     सतना में सस्पेंड उपयंत्री सतीश समेले का बड़ा.. <<     KHABAR : सूराखेड़ी में ग्रामीणों के सहयोग से तालाब.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
January 7, 2025, 5:18 pm
KHABAR : एमपी के निजी विश्वविद्यालय की होगी जांचरू यूसीजी ने उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग को लिखा पत्र, राज्य सरकार को दिए ये निर्देश, पढे़ खबर 

Share On:-

भोपाल। मध्य प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों की जांच होगी। यूजीसी ने शिकायत के आधार पर एमपी के उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है। जिसमें प्राइवेट यूनिवर्सिटी की जांच कर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। यूसीजी ने राज्य सरकार को जांच कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं


दरअसल, एमपी के निजी विश्वविद्यालय में फर्जी स्टाफ की नियुक्ति, अयोग्य कुलपति, डिग्री बेचने को लेकर शिकायत हुई थी। एनएसयूआई नेता रवि परमार ने दिल्ली जाकर यूजीसी से शिकायत की थी। यूसीजी ने शिकायत के आधार पर मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को पत्र लिखा है।


इस पत्र में लिखा “यूसीजी को रवि परमार, प्रदेश उपाध्यक्ष, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन, मध्य प्रदेश का दिनांक 27.09.2024 का एक पत्र प्राप्त हुआ है। जैसा की आपको ज्ञात है कि विश्वविद्यालयों की स्थापना राज्य सरकार द्वारा दी गई है। राज्य सरकार के द्वारा स्थापित विश्वविद्यालय के कार्यकलाप उन नियमों, अधिनियमों, उपनियमों, आर्डिनेंसस आदि के अधीन होते है जो कि राज्य सरकार द्वारा पारित/स्वीकृत किए जाते है। विश्वविद्यालय के ऊपर किसी भी कार्यवाही का अधिकारी राज्य सरकार के पास होता है। अत निदेशानुसार आपसे अनुरोध है कि मामले का संज्ञान लें और यथा उचित कार्रवाई करें एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को पूरे मामले में अपनी टिप्पणी भेजें।”

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE