शाजापुर। कृषि उपज मंडी को ई-मंडी में बदलने के बाद किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसानों को उपज बेचने के लिए ऑनलाइन पर्ची की जरूरत होती है। मंडी प्रशासन ने इसके लिए मात्र दो कंप्यूटर ऑपरेटर की व्यवस्था की है।वर्तमान में गेहूं, चने, प्याज और आलू की बंपर आवक के कारण किसानों को पर्ची बनवाने के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।
मंडी में कम से कम पांच ऑपरेटर की आवश्यकता है, लेकिन प्रशासन की लापरवाही से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंडी सचिव भगवान सिंह परिहार का कहना है कि ई-मंडी बनने के बाद किसान खुद अपनी पर्ची ऑनलाइन बना सकेंगे। दो और ऑपरेटर की नियुक्ति की जा रही है। चार ऑपरेटर होने के बाद किसानों को परेशानी नहीं होगी।
ई-मंडी योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को डिजिटल सुविधाएं देना है। इस योजना के तहत मंडी में प्रवेश से लेकर नीलामी, तौल और भुगतान तक की सभी प्रक्रियाएं कम्प्यूटराइज्ड होंगी। मंडी ऐप के माध्यम से किसानों को सुविधा मिलेगी और उन्हें लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा।