इंदौर। मंगलवार को यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई एक बार फिर आगे बढ़ गई। अब 27 फरवरी को पहले क्रम में इस मामले की सुनवाई होगी।
इससे पहले, सोमवार को राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट में यह बताना था कि यदि पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने के दौरान कोई घटना होती है तो उसके पास क्या इंतजाम हैं और उसने इसके लिए क्या तैयारी की है। हालांकि, न्यायमूर्ति के अवकाश पर होने के कारण सुनवाई स्थगित कर दी गई। इसके बाद, याचिकाकर्ता ने तुरंत ही शीघ्र सुनवाई के लिए आवेदन दे दिया।
17 फरवरी को हुई सुनवाई में कोर्ट ने सरकार से इस संबंध में विस्तृत जवाब मांगा था। याचिकाकर्ता चिन्मय मिश्र ने बताया कि सोमवार को सरकार को अपना जवाब पेश करना था, लेकिन न्यायमूर्ति बी.आर. गवई के अवकाश पर होने के कारण सुनवाई टल गई। हमने तत्काल ही शीघ्र सुनवाई का आवेदन प्रस्तुत कर दिया था।
जस्टिस बी.आर. गवई और जस्टिस आगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 3 दिसंबर 2024 और 6 जनवरी 2025 के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए सहमत हो गई थी। याचिकाकर्ता चिन्मय मिश्र ने एडवोकेट सर्वम ऋतम खरे के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा कि वह पीथमपुर में 337 टन खतरनाक रासायनिक कचरे के निस्तारण को लेकर चिंतित हैं।
निस्तारण स्थल से एक किलोमीटर के दायरे में कम से कम चार-पांच गांव स्थित हैं। इन गांवों के निवासियों का जीवन और स्वास्थ्य अत्यधिक जोखिम में है। यह उल्लेखनीय है कि श्गंभीर नदीश् औद्योगिक क्षेत्र के बगल से बहती है और श्यशवंत सागर बांधश् को पानी उपलब्ध कराती है।
पीथमपुर पहुंचे पटवारी और हरीश चौधरी
मंगलवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नवनियुक्त कांग्रेस कमेटी प्रभारी हरीश चौधरी पीथमपुर पहुंचे। मीडिया से बातचीत में पटवारी ने यूनियन कार्बाइड के कचरे को लेकर भाजपा पर निशाना साधा।
पटवारी ने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि वे कंपनी के आसपास के इलाकों में पानी की सैंपलिंग करवाएं। उन्होंने कहा कि भाजपा न्यायालय की आड़ में भोपाल गैस त्रासदी का कचरा पीथमपुर में जलाना चाहती है।
उन्होंने दावा किया कि जांच में गंभीर बीमारियों के कीटाणु मिलेंगे। पटवारी ने कहा कि पीथमपुर और इंदौर के लोगों ने भाजपा को वोट दिया, लेकिन भाजपा उन्हें यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा दे रही है।