BREAKING NEWS
KHABAR : खुशीलाल अस्पताल की बिल्डिंगों को जोड़ने.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     NEWS : मंदिर में चोरी, चारागाह भूमि पर अतिक्रमण.. <<     KHABAR : जिले में अब तक 168.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज, बीते.. <<     KHABAR : साप्ताहिक अंतर विभागीय समीक्षा बैठक में.. <<     KHABAR : 90 प्रतिशत से कम ई-अटेंडेंस वाले अतिथि.. <<     शहडोल: आदिवासी महिला सरपंच का सीईओ पर अभद्र.. <<     MANDI BHAV : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी मनासा के.. <<     BIG NEWS : सीबीएन की बड़ी कार्रवाई, मेडिकल स्टोर से.. <<     KHABAR : नीमच में भाजपा का जिला स्तरीय सम्मेलन.. <<     KHABAR : नीमच में आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, 18.. <<     KHABAR : दिल्ली में एमपी सफाई कर्मचारी आयोग.. <<     KHABAR : नीमच की बेटियों ने राज्य स्तरीय सेपकटकरा.. <<     नीमच में प्रशासनिक फेरबदल, कलेक्टर चंद्रा ने.. <<     KHABAR : 7 जुलाई से राष्ट्रीय संस्कृत.. <<     KHABAR : किसानों ने घेरा बिजली कार्यालय, 40 दिन से.. <<     KHABAR : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर विविध.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
March 9, 2025, 3:57 pm
KHABAR : 5वीं-8वीं की कॉपियां जिले में ही जांची जा रही, सतना में शिक्षकों की कमी, कॉपी चेकिंग में 382 में से 135 शिक्षक ही पहुंचे, पढे़ खबर 

Share On:-

सतना। 5वीं और 8वीं क्लास की परीक्षाओं का मूल्यांकन काम रविवार से शुरू हो गया है। हालांकि, इस बार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन जिले के बाहर न भेजे जाने से निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।


जिला मुख्यालय स्थित डाइट और ब्लॉक स्तर पर कॉपियों की जांच की जा रही है। पहली बार बोर्ड पैटर्न पर हुई इन परीक्षाओं का मूल्यांकन ब्लॉक स्तर पर ब्लॉक बदलकर किया जा रहा है। जिला मुख्यालय में शहरी क्षेत्र के 64 केंद्रों की कॉपियों का मूल्यांकन एक ही परिसर में हो रहा है।


382 में से 135 शिक्षक ही पहुंचे
इसके अलावा, मूल्यांकन में शिक्षकों की कमी भी एक बड़ी समस्या बन गई है। डाइट में मूल्यांकन के लिए 382 शिक्षकों की आवश्यकता है, लेकिन रविवार को केवल 135 शिक्षक ही उपस्थित हुए। इसका मुख्य कारण यह है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं चल रही हैं, जिनमें अधिकांश शिक्षक व्यस्त हैं।


गौरतलब है कि पिछली बार उत्तर पुस्तिकाएं रीवा भेजी गई थीं, लेकिन इस बार मूल्यांकन जिले तक ही सीमित रखा गया है। यह निर्णय कई सवालों को जन्म दे रहा है और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE