नीमच। नगरपालिका के साधारण सम्मेलन में सभापति वंदना खंडेलवाल द्वारा पेश करीब पौने तीन अरब का बजट केवल एक पेज पढ़े जाने के बाद शोर शराबे और हंगामा के बीच पारित कर दिया गया। बजट पढ़े जाने और चर्चा के दौरान कांग्रेस पार्षदों में नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा का स्वागत किये जाने को लेकर जमकर तू तू मैं में हो गई,और हाथापाई की नौबत तक आ गई। बैठक शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापत ने झूठी प्रोसेडिंग लिखे जाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि प्रोसीडिंग 20 दिन बाद लिखी जाती है और उसमें पार्षदों की बात शामिल नहीं की जाती। योगेश प्रजापत ने कहा कि बहुमत का दुरुपयोग कर नगरपालिका अलोकतांत्रिक तरीके से चलाई जा रही है। सीएमओ महेंद्र वशिष्ठ ने इस बारे में अध्यक्ष को पार्षदों की समिति बनाने की सलाह दी। जिस पर योगेश ने कहा कि सम्मेलन वाले दिन ही कच्ची प्रोसिडिंग लिखकर इस पर पार्षदों से हस्ताक्षर कराए जाए। पिछले दिनों पूर्व कार्यालय अधीक्षक राजेंद्र जैन द्वारा नगर पालिका में पहुंचकर राजस्व विभाग की फाइले खंगालने और सीएमओ के साथ अभद्र व्यवहार करने का मुद्दा भी कांग्रेसियों ने जमकर उठाया। जिस पर नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि मेरे द्वारा अपने काम से कभी राजेंद्र जैन को नगर पालिका नहीं भेजा गया।
उन्होंने कहा कि राजेंद्र जैन हमारे मार्गदर्शक, पारिवारिक व्यक्ति और समाज से जुड़े हुए है। उनका काम पांच साल से नहीं हो रहा था, उन्होंने कर्मचारियों से पूछ कर फाइल अलमारी से निकाली थी। 75 वर्ष की आयु होने के कारण वह कुर्सी पर बैठ गए। गहमागहमी के बीच में सीएमओ महेंद्र वशिष्ठ ने स्वाति चोपड़ा से सवाल कर डाला कि उस कर्मचारी का नाम बताया जाए,जिसने फाईल निकालने के लिए बोला था। वशिष्ठ ने कहा कि क्या आपका दायित्व नहीं बनता है कि उसके खिलाफ कार्रवाई करें। अभी तक राजेंद्र के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई। बजट सम्मेलन के दौरान चल रही प्रक्रिया और सवाल जवाब के बीच सुमित्रा पोरवाल और हरगोविंद दीवान नगरपालिका अध्यक्ष का स्वागत करने लगे। जिस पर कांग्रेस के बाकी पार्षद उखड़ गए। मामला हाथापाई तक पहुंच गया। नेता प्रतिपक्ष का कहना था कि सम्मेलन समाप्त होने के बाद भी स्वागत किया जा सकता था।