रतलाम। आलोट विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक चिंतामणि मालवीय ने प्रदेश भाजपा द्वारा जारी किए गए शो-काज नोटिस का जवाब दिया है। विधायक मालवीय ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बीडी शर्मा को लिखे पत्र में सभी आरोपों को अस्वीकार किया है। विधायक मालवीय ने पत्र के माध्यम से नोटिस का जवाब पांच दिन बाद दिया गया था। पत्र मंगलवार को सामने आया है।
दरअसल, चिंतामणि मालवीय ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान उज्जैन सिंहस्थ क्षेत्र में जमीनों की स्थायी अधिग्रहण को लेकर अपने ही सरकार को घेरा था।
मालवीय ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से नकारते हुए लिखा, कारण बताओ नोटिस में मेरे वक्तव्यों व कृत्यों से पार्टी की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचने के लेख के समर्थन में किसी भी वक्तव्य या कृत्य का कोई उल्लेख नहीं है, जिससे पार्टी की प्रतिष्ठा को मेरे कारण आघात पहुंचा हो। नोटिस में जिन आरोपों को उल्लेखित ही नहीं किया गया है उन्हें मैं विनम्रता पूर्वक पूर्णतः अस्वीकार करता हूं, साथ ही इस स्पष्टीकरण के माध्यम से यह भी आश्वस्त करता हूं कि, भविष्य में मुझे यदि मेरे वक्तव्यों एवं कृत्यों के संबंध में स्पष्टतः अवगत कराया जाता है तो मैं उसका तर्कसंगत, प्रमाणों के साथ स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को तत्पर रहूंगा।
उज्जैन में जमीन अधिग्रहण का मामला उठाया था
उज्जैन में साल 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए जमीनों के अधिग्रहण के मामले पर आलोट से बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय ने 18 मार्च को विधानसभा में मामला उठाया था। इस मामले को लेकर बीजेपी ने उन्हें 23 मार्च को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों में जवाब मांगा था। इसके बाद विधायक मालवीय ने चार दिन बाद 27 मार्च को एक पत्र प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को जारी किया।
इससे पहले ही जब मामले में चिंतामणि मालवीय को नोटिस भेजने की बात सामने आई थी उस दौरान ही मालवीय ने कहा था कि तथ्यों के साथ पार्टी को जवाब देंगे। दैनिक भास्कर ने पूछा था कि क्या अपने बयान पर माफी मांगेंगे? इसके जवाब में मालवीय ने कहा- ये मेरा स्वभाव नहीं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के कारण बताओ नोटिस को लेकर चिंतामणि मालवीय ने लिखा कि कारण बताओ नोटिस में अधो हस्ताक्षर कर्ता पर उसके वक्तव्यों व कृत्यों से लगातार पार्टी की प्रतिष्ठा को आघात पहुंचने के लेख के समर्थन में मेरे किसी भी वक्तव्य या कृत्य का कोई उल्लेख नहीं है, जिससे पार्टी की प्रतिष्ठा को मेरे कारण आघात पहुंचा हो। मैं पार्टी का निष्ठावान कार्यकर्ता हूं और पार्टी के प्रति मुझे मेरे दायित्व और कर्तव्यों का बोध भी है। मेरे संज्ञान अनुसार मैंने किसी भी स्थान पर ऐसा कोई वक्तव्य या कृत्य नहीं किया है जिससे पार्टी की प्रतिष्ठा को कोई आघात पहुंचा हो।
मैं, आलोट विधान सभा क्षेत्र से निर्वाचित एवं जन प्रतिनिधि होकर मैंने आम जन के हितार्थ ही पूर्ण कर्तव्य निष्ठा के साथ कार्य किया है। और भविष्य में भी अपनी पूर्ण निष्ठा से पार्टी में अपनी सेवाएं देने के लिए वचनबद्ध हूं।
अतः कारण बताओ नोटिस में जिन आरोपों को उल्लेखित ही नहीं किया गया है उन्हें मैं विनम्रता पूर्वक पूर्णतः अस्वीकार करता हूं, साथ ही इस स्पष्टीकरण के माध्यम से यह भी आश्वस्त करता हूं कि, भविष्य में मुझे यदि मेरे वक्तव्यों एवं कृत्यों के संबंध में स्पष्टतः अवगत कराया जाता है तो मैं उसका तर्कसंगत, प्रमाणों के साथ स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने को तत्पर रहूंगा।ष्
केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचा था मामला
विधायक मालवीय द्वारा उज्जैन सिंहस्थ क्षेत्र में जमीनों की स्थायी अधिग्रहण का मुद्दा उठने के बाद मामले में सरकार को अपने ही विधायक के कारण बैक फुट पर आना पड़ा था। मामले की जानकारी केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंची, इसके बाद प्रदेश नेतृत्व की ओर से चिंतामणि मालवीय को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया था।