देवास। प्राचीन काल से जल संरक्षण एवं जल संवर्धन के लिए ऋषि मुनियों एवं गुरुजनों द्वारा प्रेरणा देकर वरुण देवता के रूप में जल की पूजा की गई है। वर्तमान में भी पानी को बचाने के लिए तथा उसकी उपयोगिता ग्रामीणजनों को बताने के लिए गुरुजनों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी तथा जल गंगा संवर्धन अभियान में ग्रामीण जनों को जोड़ने के लिए तथा छोटे-छोटे बच्चों को जोड़ने के लिए शिक्षकों के द्वारा प्रेरणा देना होगा। उक्त बातें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हाटपीपल्या में जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत आयोजित संकुल बैठक में जन अभियान परिषद के विकासखंड समन्वयक प्रफुल्ल पाठक ने उपस्थित शिक्षकों को कही। इस अवसर पर जल गंगा संवर्धन अंतर्गत जल संरक्षण हेतु उपस्थित सभी प्रतिभागियों को संकल्प करवाया गया।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य चंद्रशेखर राव द्वारा पर्यावरण संरक्षण में वृक्षारोपण की भूमिका के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। इस दौरान नवांकुर संस्था विश्व कल्याण जन सेवा समिति के सचिव संदीप बिंजवा विशेष रूप से उपस्थित थे। शिक्षक रवि खरसोदिया, यशवंत ध्रुव, सतीश चिरकाल, रामसिंह राणा, सुरेश माली, अजय चौहान, शांतिलाल पांचाल, गजेन्द्र पटेल सीमा जोशी, लीला पोरवल आदि कार्यक्रम के दौरान उपस्थित थे।