भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा तीन माह पहले आईएफएस सर्विस मीट के दौरान कागज के खिलौनों को सांप बताकर डराने का बयान देने और एमपी में किंग कोबरा की जरूरत बताने के बाद वन अफसरों ने एमपी में किंग कोबरा लाने का इंतजाम किया है। कर्नाटक के अफसरों से संवाद के बाद मेंगलोर से दो किंग कोबरा भोपाल लाए गए हैं। जिन्हें क्वारैंटाइन किया गया है। एमपी का वन महकमा इसके बदले दो टाइगर कर्नाटक के वन महकमे को देगा जो यहां से शिफ्ट किए जाएंगे। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव के द्वारा कर्नाटक के प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव और मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक कर्नाटक तथा कुमार पुष्कर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव कर्नाटक के किंग कोबरा एमपी लाने को लेकर चर्चा की गई थी। इसके बाद डॉयरेक्टर पिलीकुला बायोलॉजिकल पार्क मेंगलौर कर्नाटक से दो किंग कोबरा सर्प को 2 रॉयल बंगाल टाइगर के बदले दिए जाने पर सहमति बनी। इसके बाद किंग कोबरा को लाने के लिए प्रक्रिया शुरू करने को लेकर वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल को आदान प्रदान करने के संबंध में केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण नई दिल्ली को प्रस्ताव भेजने के लिए निर्णय लिया गया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव और मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक मध्य प्रदेश शुभरंजन सेन ने इसको लेकर विभाग के अफसरों को लिखे पत्र में कहा किंग कोबरा को लाने के बाद उसके एमपी में बसाहट का इंतजाम अलग-अलग चरण में किया जाएगा। प्रथम चरण में एक्स सीटू संरक्षण और प्रजनन वन विहार भोपाल में कराया जाएगा। इसके बाद किंग कोबरा की पर्याप्त संख्या हो जाने और इस प्रजाति के लिए आवश्यक पारिस्थितिकीय अनुकूलता (इकोसिस्टम) की स्थिति बनने के बाद प्राकृतिक रहवास में उनके संरक्षण के संबंध में अलग से दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे। आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे का तंज मामले में आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने तंज कसते हुए एक्स पर किए ट्वीट में लिखा मुख्यमंत्री के सपने को पूरा करने के लिए, एमपी फॉरेस्ट ने कर्नाटक से दो नर किंग कोबरा को भोपाल में स्थानांतरित किया जिसका उद्देश्य उनकी आबादी का विस्तार करना और अंततः उनके बच्चों को स्थानीय जंगलों में पेश करना है। भगवान बचाए मध्य प्रदेश। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तीन माह पहले राजधानी के पंडित खुशीलाल आयुर्वेद महाविद्यालय में आयोजित आईएफएस सर्विस मीट का शुभारंभ करते हुए कहा कि रातापानी टाइगर रिजर्व घोषित करने में कई चुनौतियां आईं लेकिन इसमें सफलता मिली है। इस मामले में कागज के खिलौनों को सांप बताकर डराया जा रहा था, लेकिन अब टाइगर के साथ किंग कोबरा की जरूरत है। सीएम के इस बयान के बाद वन विभाग के अधिकारी एक्टिव हुए और कर्नाटक के फारेस्ट अफसरों के साथ बातचीत कर किंग कोबरा एमपी लाने का फैसला किया।