चित्तौड़गढ़। राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग ने कार्रवाई करते हुए श्रीसांवलिया जी मंदिर के अध्यक्ष भैरूलाल गुर्जर को उनके पद से कार्यमुक्त कर दिया है। शासन उप सचिव आलोक कुमार सैनी ने आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि भैरूलाल गुर्जर के खिलाफ लम्बे समय से अनियमितताओं को लेकर शिकायतें मिल रही थीं, जिनकी जांच में सभी आरोप सही पाए गए।
नए बोर्ड का अभी तक गठन नहीं, पुराने का कार्यकाल हो चुका खत्म
भैरूलाल गुर्जर को 28 फरवरी 2022 को पिछली कांग्रेस की सरकार ने अध्यक्ष पद पर मनोनीत किया था। उनका कार्यकाल 28 फरवरी 2025 तक तय किया गया था, लेकिन नए बोर्ड के गठन में देरी के चलते वे अभी भी पद पर कार्यरत थे। इस दौरान उनके खिलाफ कई गम्भीर शिकायतें सरकार तक पहुंची।
जांच में सामने आया कि गुर्जर ने नियमों को ताक पर रखकर मानदेय स्वीकार किया। जबकि यह प्रक्रिया निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप नहीं थी। इसके अलावा मंदिर परिसर में रोड निर्माण कामों और दुकानों के अलॉटमेंट में भी अनियमितताएं पाई गईं।
शासन ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए भैरूलाल गुर्जर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन उनकी ओर से दिया गया जवाब विभाग को संतोषजनक नहीं लगा।
लाखों श्रद्धालुओं का केंद्र है श्रीसांवलिया जी मंदिर
आदेश में कहा गया कि मंदिर की गरिमा और भक्तों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है ताकि भविष्य में ऐसी अनियमितताएं रोकी जा सकें। श्रीसांवलिया जी मंदिर, जो प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहता है। ऐसे में मंदिर प्रबंधन से पारदर्शिता और नियमबद्ध संचालन की अपेक्षा रहती है।
शासन ने यह भी संकेत दिया है कि मंदिर प्रबंधन से जुड़े सभी कामों की आगामी समय में गहनता से निगरानी की जाएगी ताकि मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।