देवास। जिले में स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा गेहूं उपार्जन का कार्य किया जा रहा है। जिले में स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित 10 गेहूं उपार्जन केंद्रों पर अब तक 02 लाख 54 हजार 378 क्विंटल से अधिक की खरीदी की जा चुकी है। जो समूह द्वारा की गई अब तक कि रिकॉर्ड खरीदी है। जिला उपार्जन समिति ने इस वर्ष 10 समूहों को उपार्जन कार्य के लिए चयन किया।
डीपीएम शीला शुक्ला ने बताया कि इन समूहों ने निर्धारित मापदंडों का पालन करते हुए कुल 4273 किसानों से खरीदी की है। सभी खरीदी वेयरहाउस सायलो स्तर पर की गई। इस कार्य के लिए समूह को 80 से 85 लाख अनुमानित कमीशन प्राप्त होगा। जिसमें से मजदूरी एवं अन्य खर्च काटने के बाद प्रति समूह को अपनी खरीदी अनुसार 3 से 4 लाख रुपए तक की आय प्राप्त हो सकेगी। समूह की यह आय सिर्फ दो माह की मेहनत में प्राप्त हुई है।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन ने पॉलिसी जारी कर आजीविका मिशन के महिला समूहों को उपार्जन के कार्य में संलग्न करने के निर्देश दिए थे। गत 4 वर्षाे में महिला समूहों ने इस कार्य को चुनोती के रूप मे लेते हुये बेहतर प्रदर्शन किया है। लेकिन इस वर्ष रिकार्ड खरीदी कर बेहतर प्रदर्शन किया है। ज़िला प्रशासन का मानना है कि इस कार्य से महिला सशक्तिकरण के प्रयासो को गति मिलेगी। इस प्रयास से जहां महिला समूह को कमीशन के रूप में बेहतर आय अर्जित होगी, वही महिलाओं की निर्णय क्षमता में वृद्धि होगी।
शासन की मंशा महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने की रही है। इन प्रयासों से महिलाओं को समाज में निर्णायक भूमिका के लिए तैयार किया जा रहा है। समूह महिलाओं द्वारा गेहूं उपार्जन केंद्र का संचालन करना, इसी भावना की अभिव्यक्ति है। जिला प्रशासन द्वारा सौंपे गए कार्य से समूह महिलाएं उत्साहित हैं।
जिले के श्रीराम स्वंय सहायता समूह ग्राम छतरपुरा विकास खण्ड बागली के द्वारा सबसे अधिक 40,607 क्विटंल गेहॅू खरीदी की जिसमें बबीता पाटीदार प्रबंधक दीदी द्वारा बताया कि समूह द्वारा सबसे अधिक खरीदी की है और हमारे केन्द्र पर बिना किसी परेशानी के खरीदी हुई है। केन्द्र के सभी किसानों का भुगतान भी समय पर हो गया है।