कसरावद। शिक्षक और छात्रों के बीच संबंध शिक्षा प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण पहलू है, जो छात्रों के शैक्षणिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास को प्रभावित करता है कुछ शिक्षक एवं छात्रों के बीच संबंध आत्मीय हो जाते हैं।
काबिल शिक्षक वातावरण बनाते हैं, जो छात्रों में स्कूल के प्रति जुड़ाव की भावना पैदा करता है ऐसा ही मामला देखने को मिला कसरावद शासकीय महाविद्यालय की प्रोफेसर रश्मि चौहान के स्थानांतरण की खबर से विचलित होकर छात्र-छात्रा एसडीएम कार्यालय पहुंचे और एसडीएम सत्येंद्र बेरवा जी को प्रोफेसर मैडम का स्थानांतरण रुकवाने का प्रार्थना पत्र दिया। जिस पर एसडीएम साहब द्वारा छात्रों को बताया कि एक शासकीय प्रक्रिया है जिसके तहत सभी कर्मचारियों को इस प्रक्रिया से गुजरना होता है फिर भी हम आपका यह निवेदन शिक्षा विभाग तक पहुंचा देंगे।
मीडिया से चर्चा करते हुए छात्र-छात्रा - रणवीर माथुर प्रवीण मोहिने ,कपिल भालसे, गोविंदा श्याम मनोज गरिमा रूपाली सोनाली संध्या आदि ने बताया कि प्रोफेसर डॉ. रश्मी चौहान की शिक्षण शैली और मार्गदर्शन ने हमें न केवल विषय की गहराई को समझने में मदद की है, बल्कि उन्होंने हमें नैतिकता और अनुशासन के मूल्यों को भी सिखाया है। उनके पढ़ाने का तरीका इतना प्रभावी है कि हमें विषय के प्रति रुचि और समझ दोनों बढ़ी है।