रतलाम। 13 अगस्त की रात में बस में सवार सराफा व्यापारी से 5.41 करोड़ के गहने लूटने वाली गैंग का मास्टर माइंड उन्हीं की दुकान पर काम करने वाला कर्मचारी रोहित नायक निकला। बाजार में ही चाय की दुकान वाले को लूट की योजना बताई। इस चायवाले ने कोर्ट चौराहे पर चाय की दुकान चलाने वाले को इसमें शामिल किया। इस चायवाले लुटेरों की गैंग बनाई और फिर सभी ने मिलकर सराफा व्यापारी को लूटा।
पुलिस ने लगातार 48 घंटे की मेहनत के बाद 7 लुटेरों के गिरफ्तार कर लिया और 4.167 किलो सोने के 238 जेवर (कीमत 5 करोड़ 32 लाख), 4.047 किलो चांदी के गहने (कीमत 9 लाख रुपए) जब्त किए हैं। एक आरोपी फरार है, इनकी तलाश में महू (इंदौर) के हरसोला गई है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक उज्जैन जोन राकेश गुप्ता ने बताया कि सराफा व्यापारी अर्पित चौरड़िया सोने-चांदी के जेवर बैग में लेकर 13 अगस्त को बेचने के लिए बड़नगर गए थे। बचे हुए गहने लेकर को रात को 8.15 बजे बड़नगर से बस में बैठे थे और रास्ते में महू-रैन फंटे के यहां रात 9.15 बजे लुटेरे उनका बैग लेकर भाग निकले थे। उन्होंने बताया कि डीआईजी निमिष अग्रवाल, एसपी अमित कुमार ने मामले को गंभीरता से लिया और एएसपी विवेक कुमार के नेतृत्व में 92 पुलिसकर्मियों की टीम बनाकर 48 घंटे में लुटेरों को पकड़ लिया।
रतलाम-नीमच फोरलेन से लेकर आसपास के गांवों और बड़नगर के 130 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज निकाले, साइबर सेल और मुखबिरों को भी लगाया और बदमाशों को ट्रेस किया। इन सभी पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने के लिए पुलिस मुख्यालय भोपाल को लिखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी रतलाम पुलिस के काम को सराहा है।