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June 25, 2025, 2:44 pm
NEWS : मातेश्वरी जगदंबा का 60 वा पुण्य स्मृति दिवस मनाया, ओम राधे के नाम से लोकप्रिय हुई, आप बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि और प्रतिभावान, पढे़ रेखा खाबिया की खबर 

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चित्तौड़गढ़। प्रताप नगर सेवा केंद्र पर राजयोगिनी आशा दीदी ने मातेश्वरी जगदंबा के 60 वे पुण्य स्मृति दिवस पर कहा कि 1919 में अमृतसर के साधारण परिवार में मातेश्वरी जगदंबा का जन्म हुआ उनके बचपन का नाम ओम राधे था, जब आप ओम की ध्वनि का उच्चारण करती थी तो पूरे वातावरण में गहन शांति छा जाती थी। इसलिए आप ओम राधे के नाम से लोकप्रिय हुई, आप बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि और प्रतिभावान थी। उन्होंने कहा कि ब्रह्मा बाबा ने कोई भी ज्ञान की बात आपको दोबारा नहीं सिखाई जो बात एक बार सुन लेती थी। 24 जून 1965 को अपने अपने नश्वर देखा त्याग कर संपूर्णता को प्राप्त किया था। ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय वर्ष 1937 में स्थापना के समय संस्थापक ब्रह्मा बाबा ने जब माता बहनों का ट्रस्ट बनाया तो उनकी जिम्मेवारी सबसे पहले मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती को दी गई थी। तब से लेकर 24 जून 1965 तक अपने ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बागडोर बड़ी ही कुशलता के साथ निभाई। कम उम्र होने के बाद भी आपका गंभीर व्यक्तित्व और ज्ञान की गहराई से सभी अचंभित रह जाते थे। दीदी ने बताया कि ब्रह्म मुहूर्त 4ः00 से रात 8ः00 बजे तक अखंड योग तपस्या हुई, मातेश्वरी जगदंबा ने राजयोग के द्वारा अपनी तपस्या से अपनी लगन से अपने आप को नंबर वन रखा और सदा ही ब्रह्मा बाबा की आज्ञाकारी बेटी बन कर रही।


कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व एमएलए व सहकारी भूमि विकास बैंक अध्यक्ष बद्री लाल जाट ने भी मातेश्वरी जी को पुष्प अर्पित किए। उन्होंने कहा कि हमें मातेश्वरी जी की शिक्षाओं को अवश्य धारण करना चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित महिला पतंजलि से सरस्वती बहन वरिष्ठ रेलवे अधिकारी सुभाष भाई बैंक से रिटायर्ड   बाल किशन भाई आदि उपस्थित रहे। बीके कन्हैया भाई व सभी ने मातेश्वरी जी को पुष्प अर्पित किए और सभी ने मातेश्वरी जी के प्रति अपने दिल के उद्गार और उनके शिक्षाओं को अपने जीवन में धारण करने का दृढ़ संकल्प लिया। इसके पश्चात मातेश्वरी जी को भोग स्वीकार कराया गया।

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