BREAKING NEWS
KHABAR : प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का.. <<     KHABAR : ‘या हुसैन’ की सदाओं के बीच निकला मोहर्रम.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     SHOK SAMACHAR : नहीं रहे पूनम चंद बोरीवाल (मप्र पुलिस.. <<     NEWS : वंडर सीमेंट के एसटीईएम एवं एआई समर कैंप का.. <<     NEWS : चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी में खनन माफियाओं.. <<     SHOK SAMACHAR : श्रीराम जानकी मंदिर में हरि किर्तन.. <<     NEWS : श्रीमद्भागवत कथा में दिया आध्यात्मिक.. <<     NEWS : अर्बन बैंक की निदेशक मंडल बैठक सम्पन्न,.. <<     SHOK SAMACHAR : नहीं रही रामदुलारी सैनी, परिवार में शोक.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     REPORT : अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई, एक जेसीबी और दो.. <<     BIG REPORT : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 29 जून को.. <<     SHOK SAMACHAR : नहीं रही शकुंतला देवी सक्सेना, परिवार.. <<     खरगोन जिले के बड़गांव में चोरों का आतंक: 9.. <<     मुरैना में रोटरी क्लब की अनूठी पहल, सरकारी.. <<     KHABAR : स्थापना से एक दिन पहले नगर भ्रमण पर निकले.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     BIG REPORT : महू रोड कूरियर ऑफिस लूटकांड का खुलासा,.. <<     KHABAR : बड़गांव में सिंचाई मोटर पंप चोरी, किसानों.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
July 12, 2025, 1:22 pm
KHABAR : गाँधी सागर अभयारण्य में पाया गया दुर्लभ “स्याहगोश’’, अब इनकी प्रजातियों के लिये भी सुरक्षित आश्रय-स्थली बना अभ्यारण्य, मध्यप्रदेश में वर्षों बाद संरक्षित क्षेत्र में कैराकल की पुष्टि गर्व की बात, पढ़े खबर 

Share On:-

मंदसौर। गाँधी सागर अभ्यारण्य मंदसौर में दुर्लभ प्रजाति के “स्याहगोश’’ (कैराकल) की उपस्थिति दर्ज हुई है। गाँधी सागर वन्य-जीव अभ्यारण्य में “कैराकल’’ जिसे स्थानीय रूप से “स्याहगोश’’ कहा जाता है कैमरा ट्रैप में दिखाई दिया। यह मांसाहारी प्रजाति का अत्यंत शर्मीला, तेज गति से दौड़ने वाला और सामान्यतरू रात्रिचर वन्य-जीव है। यह मुख्यतरू शुष्क, झाड़ीदार, पथरीले और खुली घास वाले इलाकों में पाया जाता है। भारत में अब यह प्रजाति विलुप्तप्राय श्रेणी में रखी गयी है और इसकी उपस्थिति बहुत ही दुर्लभ मानी जाती है। गाँधी सागर अभ्यारण्य के वन अधिकारी ने बताया कि वन मण्डल मंदसौर में लगाये गये कैमरा ट्रैप में एक वयस्क नर कैराकल की उपस्थिति दर्ज हुई है जो जैव विविधता की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। अभ्यारण्य में संरक्षित आवासों की गुणवत्ता और संरक्षण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण भी है। कैराकल की उपस्थिति यह दर्शाती है कि गाँधी सागर क्षेत्र के शुष्क और अर्द्ध-शुष्क पारिस्थितिकीय तंत्र अब भी इतने समृद्ध और संतुलित हैं जो इस दुर्लभ प्रजाति को आश्रय दे सकते हैं। मध्यप्रदेश में पिछले कई वर्षों बाद किसी संरक्षित क्षेत्र में कैराकल की पुष्टि हुई है जो प्रदेश के लिये गर्व की बात है। यह खोज न केवल वन्य-जीव शोध के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण है, बल्कि हमारे संरक्षण प्रयासों की सफलता का भी प्रमाण है। इस उपलब्धि के लिये वन विभाग एवं गाँधी सागर वन्य-जीव अभ्यारण्य के अधिकारी-कर्मचारियों के विशेष प्रयासों से विविध पारिस्थितिकी संरक्षित रह पायी है जिससे आज यह अभ्यारण्य दुर्लभ प्रजातियों के लिये भी एक सुरक्षित आश्रय-स्थली बना हुआ है।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE