चित्तौड़गढ़। ब्रह्माकुमारीज प्रतापनगर सेवाकेंद्र पर 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षाेल्लास और आध्यात्मिक भाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सेवाकेंद्र परिसर में भारत माता की चेतन्य झांकी सजाई गई। भाई-बहनों ने देशभक्ति गीत और कविताओं की प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में राष्ट्रभक्ति का रंग भर दिया।
कार्यक्रम में राजयोगिनी बी.के. आशा दीदी ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज मनुष्य बीमारियों, तनाव और आर्थिक उतार-चढ़ाव सहित कई तरह की परेशानियों से जूझ रहा है। देश आजाद होने के बावजूद व्यक्ति किसी न किसी बंधन में बंधा हुआ है। वास्तविक स्वतंत्रता तब प्राप्त होती है, जब आत्मा पांच विकारों से मुक्त होकर परमात्मा का स्मरण करती है और सच्ची स्वतंत्रता का अनुभव करती है।
बी.के. अनिता दीदी ने राष्ट्रीय ध्वज के तीनों रंगों के आध्यात्मिक रहस्य के बारे में जानकारी दी। उन्होंने तिरंगे के रंगों को आध्यात्मिक दृष्टि से समझाते हुए स्वतंत्रता के वास्तविक अर्थ पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंत में बी.के. आशा दीदी, बी.के. अनिता दीदी, ऋतु बहन, मंजु, अंजु, अनिता, बेला, कुसुम, सावित्री, सुभाष पुरोहित, बालकिशन, देवकिशन और ज्ञानदेव भाई सहित उपस्थित सदस्यों ने ध्वजारोहण किया।
इस दौरान सेवाकेंद्र से जुड़े भाई-बहनों ने देश की एकता, शांति और आध्यात्मिक स्वतंत्रता का संदेश देते हुए स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं साझा कीं।