कुकड़ेश्वर। नगर में रविवार, 5 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विजयादशमी उत्सव के अवसर पर भव्य पथ संचलन निकाला गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 9 बजे पटवा मांगलिक भवन से हुआ, जहां स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में एकत्रित हुए। यहां संघ गीत, प्रार्थना और बौद्धिक सत्र का आयोजन किया गया।
बौद्धिक सत्र को संबोधित करते हुए संघ के विभाग सामाजिक समरसता प्रमुख दिलीप चावड़ा ने कहा कि, “विजयादशमी संघ के छह प्रमुख उत्सवों में से एक है, जो उत्साह और ऊर्जा से परिपूर्ण होता है। डॉक्टर हेडगेवार ने 1925 में नागपुर में संघ की स्थापना की थी। आज वह बीज एक विराट वटवृक्ष बन चुका है, जिसकी शाखाएं देश के प्रत्येक प्रांत में कार्यरत हैं।”
उन्होंने कहा कि संघ की निरंतर बढ़ती शक्ति को देखकर अनेक अवसरों पर उसे दबाने का प्रयास हुआ, लेकिन “सत्य की सदैव विजय होती है — हमारी विजय हुई।”
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सतीश खाबिया, संघ चालक सुरेश मालवीय, तथा खंड ग्राम विकास प्रमुख अनिल मालवीय (कंजार्डा) विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान भावेश जैन ने एकल गीत प्रस्तुत किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने सराहा।
इसके बाद स्वयंसेवकों ने केसरिया ध्वज और दंड लेकर अनुशासित पंक्तियों में नगर के प्रमुख मार्गों से पथ संचलन किया। संचलन के दौरान नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया।
पथ संचलन का समापन पुनः पटवा मांगलिक भवन पर हुआ, जहां राष्ट्रगीत और संघ प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। नगर में संघ के इस अनुशासित और भव्य पथ संचलन को लेकर उत्साह और गौरव का वातावरण रहा।