बुरहानपुर। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) और भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) देहरादून द्वारा अगले माह छठवीं अखिल भारतीय बाघ गणना की जाएगी। हर चार साल में होने वाली इस गणना की तैयारियों के तहत बुरहानपुर जिले में वनकर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
जिले की सभी आठ रेंजों में वन अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। कुछ दिनों पहले वनमंडल स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया था, जिसके बाद अब मास्टर ट्रेनर द्वारा रेंज स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को नावरा रेंज में एसडीओ नेपानगर विक्रम सुलिया और वनरक्षक कचरू गुर्जर ने पीपीटी प्रस्तुतीकरण, ट्रांजेक्ट लाइन पर मॉक एक्सरसाइज और एम-स्ट्राइप ऐप का डेमो दिखाकर प्रशिक्षण दिया।
यह प्रशिक्षण बुरहानपुर, खकनार, बोदरली, शाहपुर, नेपानगर, असीरगढ़, धूलकोट और नावरा सहित जिले की सभी आठों रेंजों में आयोजित किया जा रहा है। वनकर्मियों को फील्ड में ले जाकर डेमो प्रदर्शन के माध्यम से भी प्रशिक्षित किया जा रहा है।
बाघ आकलन कुल छह दिनों तक चलेगा। पहले तीन दिनों में प्रत्येक बीट में ट्रांजेक्ट लाइन पर शाकाहारी वन्य प्राणियों की गणना और उनके साक्ष्य एकत्र किए जाएंगे। अगले तीन दिनों में बाघ सहित अन्य मांसाहारी वन्य प्राणियों की गणना और उनके साक्ष्य जुटाए जाएंगे। यह पूरी गणना एम-स्ट्राइप मोबाइल ऐप के माध्यम से की जाएगी।