नर्मदापुरम। नर्मदा नदी के किनारे एक्सीलेंस स्कूल की बनी मजार और उस पर बनाएं पिलर को सोमवार को तोड़ा गया। नगर पालिका के अतिक्रमण दस्ते के पहुंचने के पहले ही असामाजिक तत्वों ने निर्माणाधीन 6 मजारों को तोड़ दिया।
सुबह 11 बजे नगर पालिका अमला पुलिस और आरआई की मौजूदगी में मजार पर पहुंचा तो उन्होंने पिलर, दीवार को तोड़ने का कार्य शुरू किया।
मजार टूटने का पूछने पर अतिक्रमण दल प्रभारी सुनील अनजान बने रहे। उनका कहना था कि मजार हमारे आने के पहले से टूटी है। किसने मजार तोड़ी, इसकी हमें जानकारी नहीं है। मजार की सूचना मिलते ही मुस्लिम समाज के कुछ युवा मौके पर पहुंचे।
युवाओं ने मजार तोड़ने पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि मजार पर हुए अवैध निर्माण को तोड़ने के आदेश हुए। बावजूद मजार को भी तोड़ा गया। यह हमारी आस्था को ठेस पहुंचाने का कार्य है। माहौल बिगड़ने की संभावना के चलते कोतवाली थाने से पुलिस को तैनात किया गया है।
एक्सीलेंस स्कूल की जमीन पर कब्जा कर निर्माण
नर्मदा नदी किनारे जिस जगह पर मजार बनी है। वो नजूल रिकॉर्ड में शीट नंबर 12, प्लाट नम्बर नंबर 1, रकबा 564681 वर्गफीट की शासकीय भूमि का 782 वर्गफीट में मजार के कब्जे में है। जिस पर अज्ञात व्यक्ति द्वारा सीमेंट 13 कालम (पिलर) खड़े कर छत डालने की तैयारी की गई।
उक्त भूमि शासकीय रिकॉर्ड में उत्कृष्ट विद्यालय नर्मदापुरम मप्र शासन स्कूल शिक्षा के नाम दर्ज है।
मजार पर पक्का निर्माण करने वाले पर नहीं कार्रवाई
नर्मदा किनारे बनी एक साथ बनी पांच मजार और एक थोड़ी दूर छठवीं मजार बनी है। पांच मजार पर छत डालने के लिए 13 पिलर खड़े किए और 3 फीट ऊंची दीवार बना ली गई। जहां सेंटिंग लगाकर छत डालने तक की तैयारी कर ली गई थी।
छत से पहले मजार से 2 कदम की दूरी पर स्थित 70 साल पुराने पीपल का पेड़ काटा गया, जिसकी शिकायत हिन्दू समाज के द्वारा प्रशासन से की गई। हिंदू संगठन और रहवासियों की आपत्ति के बाद प्रशासन ने जब्ती कर समान हटाया था।
हैरानी की बात यह रही कि सरकारी जमीन पर इतने बड़े निर्माण होने की प्रशासन को भनक तक नहीं लगी। हिंदू संगठन के आलोक शर्मा ने बताया मजार के पास पक्का निर्माण किसी हिन्दू युवक द्वारा कराया जा रहा था। जिसकी हमने प्रशासन को लिखित शिकायत में बताया पर आज तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने बताया मजार किसने थोड़ी हमें नहीं पता, पर नर्मदा किनारे पर मजार क्यों बनाई गई और किसलिए यह निर्माण हो रहा था। यह बड़ा सवाल है। इस पर विचार करना चाहिए।
हम केवल अवैध निर्माण तोड़ रहे
नपा के अतिक्रमण प्रभारी सुनील राजपूत ने बताया प्रशासन के आदेशानुसार मजार के पास बने अवैध निर्माण को तोड़ने के आदेश हमें मिले है। उन पिलर और दीवार को तोड़ा जा रहा है। मजार को हमने नहीं तोड़ा है। हमें तो मजार टूटी मिली।
तहसीलदार सरिता मालवीय ने बताया मजार के पास अवैध निर्माण को तोड़ने के आदेश दिए गए हैं।