नीमच। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कथित ‘गुड़ की खेती’ संबंधी बयान को लेकर कांग्रेस ने तीखा व्यंग्य करते हुए बुधवार को नीमच में अनोखा प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम एक व्यंग्यात्मक आवेदन सौंपा, जिसने राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना दिया है।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती के नेतृत्व में सौंपे गए इस पत्र में सरकार की घोषणाओं पर तंज कसते हुए ‘उच्च गुणवत्ता वाले गुड़ के बीज’ उपलब्ध कराने और जिले में तत्काल ‘गुड़ रोपण अधिकारी’ की नियुक्ति की मांग की गई है।

कांग्रेस ने कटाक्ष करते हुए कहा कि बैतूल में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद यह “क्रांतिकारी जानकारी” सामने आई है कि अब प्रदेश में गन्ने की खेती नहीं, बल्कि सीधे गुड़ की खेती की जाएगी। पत्र में व्यंग्यात्मक लहजे में कहा गया है कि इस घोषणा से नीमच के किसान “गदगद” हैं, क्योंकि अब उन्हें गन्ना उगाने, काटने, ढोने और कड़ाहों में पकाने जैसी मेहनत से मुक्ति मिल जाएगी और गुड़ सीधे खेतों में लहलहाएगा।

आवेदन में सरकार की पूर्व घोषणाओं का उल्लेख करते हुए कहा गया कि एक बीघा में 50 क्विंटल गेहूं उत्पादन जैसी उपलब्धियों से किसान पहले ही उत्साहित हैं और अब ‘गुड़ की खेती’ की इस “दुनिया की पहली योजना” से किसानों का जीवन पूरी तरह बदल जाएगा। कांग्रेस ने तंज कसते हुए यह भी कहा कि जब खेतों में गुड़ उगेगा, तो यूरिया खाद की किल्लत और कालाबाज़ारी अपने आप समाप्त हो जाएगी।

जिला कांग्रेस कमेटी ने मांग की कि नीमच जिले को शीघ्र ‘गुड़ के बीज’ के पैकेट वितरित किए जाएं, ताकि जिला गुड़ उत्पादन में विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर सके। यह व्यंग्यात्मक आवेदन एसडीएम संजीव साहू को सौंपा गया, जो अब जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। कांग्रेस के इस तीखे और करारे व्यंग्यात्मक प्रदर्शन ने सत्तापक्ष को असहज कर दिया है और राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
