चित्तौड़गढ़। जौहर स्मृति संस्थान के महामंत्री तेजपाल सिंह शक्तावत ने बताया कि जौहर स्मृति संस्थान के पूर्व अध्यक्ष राज ऋषि ठाकुर स्वर्गीय उम्मेद सिंह धोली की सातवीं पुण्यतिथि पर जौहर भवन पर दो मिनिट का मौन रखकर श्रद्धा सुमन अर्पित कर याद किया गया।
स्व धोली 40 वर्ष लगातार जौहर स्मृति संस्थान के आजीवन अध्यक्ष रहे। वे एक साहित्यकार, अच्छे इतिहासकार होने के साथ- साथ डिगंल भाषा के कवि थे। सरस्वती उनके कंठो पर विराजमान थी। उनके द्वारा राजस्थानी डिंगल भाषा में कई दोहे कविताएं लिखी। उनके द्वारा रचित कई पुस्तकें हैं। राजस्थानी मायड़ भाषा को मान्यता दिलाने के लिये भी संघर्ष किया।वे गृहस्थी होते हुए भी उन्होंने एक सन्यासी का जीवन जिया। देश के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर वीरांगनाओं जिनकी स्मृति में प्रतिवर्ष चौत्र कृष्णा एकादशी को जौहर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित होता है उसे विश्व पटल पर व ओर अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने में उनका विशेष योगदान रहा है। अपने जन्म स्थान गांव धोली को छोड़कर अपना सम्पूर्ण जीवन स्वाभिमान व संस्कृति को जिंदा रखने के लिए इस चितौड़गढ़ की वीर भूमि को समर्पित कर दिया। और चितौड़गढ़ की जनता के मन मस्तिष्क में हमेशा के लिए रच बस गये।
समाजजनों ने कहा कि धोली ने किसी एक समाज के लिए कार्य न कर अपितु वीर शहीदों व संस्कृति व इतिहास संवर्धन के लिए समर्पित रहे। ऐसे में यहां की नगरपरिषद, राजनीतिक दलों व सरकार को भी संज्ञान लेकर कुछ करना चाहिए जिससे भावी पीढ़ी उनकी छवि से राष्ट्र प्रेम की प्रेरणा लेती रहे।
इस अवसर पर संस्थान के उपाध्यक्ष शक्ति सिंह मूरलिया, महिला उपाध्यक्ष निर्मला कंवर, महामंत्री तेजपाल सिंह शक्तावत, संयुक्त मंत्री गजराज सिंह बराडा, कोषाध्यक्ष गोवर्धन सिंह भाटी, पूर्व कोषाध्यक्ष नरपत सिंह भाटी, कार्यकारिणी सदस्य राजेन्द्र सिंह मुरोली, भंवर सिंह नेतवलगढ़ नरोत्तम सिंह सोलंकी ,सुरेंद्र सिंह उलपुरा, सदस्य जोगेन्द्र सिंह छोटा खेड़ा, जगपाल सिंह नेतावलगढ़, श्रीनाथ सिंह तलाऊ सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।
उनकी पेतृक तहसील आसीन्द जिला भीलवाड़ा में नगर पालिका द्वारा पूर्व में लगाई गयी मूर्ति पर पुण्यतिथि के अवसर पर छतरी का लोकार्पण चित्तौड़गढ़ विधायक चंद्रभान सिंह आक्या के मुख्य आतिथ्य, आसींद विधायक जब्बर सिंह सांखला व मसूदा विधायक वीरेंद्र सिंह कानावत के विशिष्ट आतिथ्य व कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति में हुआ। जिसमें जौहर स्मृति संस्थान के पदाधिकारीयों सहित पूर्व महामंत्री भंवर सिंह खरडीबावडी व पूर्व कोषाध्यक्ष नरपतसिंह भाटी आदि ने भी भाग लिया।